
विकास नंद/ सर्वव्यापी
साय सरकार द्वारा महिला, युवा, बुजुर्ग, बच्चों सहित जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए लागू राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।वन मंत्री केदार कश्यप ने योजना के तहत 169 परिवारों को कुल 2 करोड़ 42 लाख 40 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। प्राप्त दावा प्रकरणों का नियमानुसार सत्यापन करने के बाद पात्र हितग्राहियों को यह राशि जारी की गई है। सहायता राशि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा डिजिटल माध्यम से सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की गई।खास बात यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष योजना के तहत निराकृत प्रकरणों और वितरित सहायता राशि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में कुल 32 दावा प्रकरणों का निराकरण करते हुए 36 लाख 20 हजार रुपए की सहायता राशि का भुगतान किया गया था। इसके मुकाबले वर्तमान अवधि में 169 परिवारों को 2 करोड़ 42 लाख 40 हजार रुपए की सहायता मिली है।
क्या है राजमोहिनी देवी योजना?
राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित योजना है। योजना के तहत पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को विभिन्न परिस्थितियों में नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। प्राप्त दावों का परीक्षण एवं सत्यापन संबंधित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। पात्र पाए जाने वाले हितग्राहियों को स्वीकृत सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में डिजिटल माध्यम से भेजी जाती है।सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का सहारा देना और जरूरत के समय उन्हें आर्थिक संबल उपलब्ध कराना है।




