
विकास नंद/ सर्वव्यापी

सरायपाली के ग्राम अवलाचक्का में किराना दुकान की आड़ में अंग्रेजी शराब बेचने के मामले में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाते हुए आरोपी रतिराम सिदार को दो वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। पुलिस द्वारा मौके से शराब जब्त करने, आवश्यक साक्ष्य जुटाने और निर्धारित समयावधि में चालान प्रस्तुत करने के बाद यह मामला न्यायालय में दोषसिद्धि तक पहुंचा।
मामला 12 अप्रैल 2026 का है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम अवलाचक्का में रतिराम सिदार अपनी किराना दुकान से अवैध रूप से अंग्रेजी शराब की बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर थाना सरायपाली की टीम ने नियमानुसार गवाहों को सूचना से अवगत कराया और बताए गए स्थान पर छापामार कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 167 पाव अंग्रेजी शराब बरामद कर जब्त की। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। जब्त शराब का नियमानुसार आबकारी परीक्षण कराया गया तथा निर्धारित समयावधि में प्रकरण का चालान माननीय जेएमएफसी वैभव घृतलारे के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा संकलित साक्ष्यों और प्रभावी न्यायालयीन प्रस्तुतिकरण के आधार पर आरोपी रतिराम सिदार को दोषी ठहराया गया। न्यायालय ने आरोपी को दो वर्ष के कारावास तथा 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।इस प्रकरण की विवेचना सहायक उप निरीक्षक नरेन्द्र मार्कण्डेय द्वारा की गई।
ई-साक्ष्य से अभियोजन को मिल रही मजबूती
पुलिस के अनुसार पूर्व में आबकारी मामलों में कई बार गवाहों के मुकर जाने से अभियोजन पक्ष को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और इसका लाभ आरोपियों को मिल जाता था। नए कानून के लागू होने के बाद ई-साक्ष्य के संकलन और तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग से ऐसे मामलों में अभियोजन पक्ष को मजबूती मिल रही है। तकनीकी साक्ष्य आरोपियों के विरुद्ध ठोस प्रमाण प्रस्तुत करने और न्यायालय में दोषसिद्धि सुनिश्चित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।




