
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ शासन की 26वीं राज्य शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में बिलासपुर संभाग की ओर से कबड्डी अंडर-17 बालक टीम के कप्तान के रूप में शामिल हुए 15 वर्षीय छात्र ने एक महिला से कथित तौर पर जातिगत गाली-गलौज और धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर छात्र शिवा खैरवार ने 24 सितंबर को अजाक थाना, सरकंडा बिलासपुर में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार शिवा खैरवार पिता भागवत प्रसाद खैरवार, निवासी ग्राम मुरु, तहसील तखतपुर, बिलासपुर, राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए बिलासपुर संभाग की टीम के साथ दंतेवाड़ा गया था। प्रतियोगिता का आयोजन 19 से 22 सितंबर 2026 तक हुआ था।सिगरेट पीते देखने के बाद कोच-मैनेजर को बताने का दावाशिकायत में छात्र ने आरोप लगाया है कि 21 सितंबर को उसने दंतेवाड़ा में बालिका आवास स्थल के सामने एक महिला अधिकारी /शिक्षिका को कथित रूप से सिगरेट पीते देखा। छात्र के अनुसार उसने इस बात की जानकारी कोच-मैनेजर को दे दी। शिकायत में दावा किया गया है कि इसके बाद संबंधित महिला उससे नाराज हो गई और कथित रूप से यह कहते हुए धमकी दी कि उसने सभी को बताकर उसकी बेइज्जती कर दी है और उसे इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।वापसी के दौरान बस में कथित जातिगत टिप्पणीशिकायतकर्ता का आरोप है कि 22 सितंबर की रात करीब 8 बजे दंतेवाड़ा से वापसी के दौरान बस में उसे देखते ही संबंधित महिला ने कथित तौर पर फिर धमकी दी और उसकी जाति को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। शिकायत में कथित गाली-गलौज के शब्दों का भी उल्लेख किया गया है।छात्र का कहना है कि इस कथित घटना से उसके आत्मसम्मान को ठेस पहुंची और वह मानसिक रूप से आहत हुआ। उसने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज करने तथा उचित कार्रवाई की मांग की है।नाबालिग छात्र की शिकायत से उठे कई सवालमामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि शिकायतकर्ता की उम्र महज 15 वर्ष बताई गई है और वह राज्य स्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिता में बिलासपुर संभाग की टीम का कप्तान बनकर गया था। ऐसे में प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा, उनके साथ व्यवहार और टीम प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि अजाक थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है या प्रारंभिक जांच की जा रही है।**अब निगाह पुलिस कार्रवाई पर है—क्या नाबालिग खिलाड़ी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी?**




