
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन को लेकर सर्वव्यापी द्वारा लगातार उठाए जा रहे मुद्दों और संगठनात्मक बदलाव की चर्चाओं के बीच अब भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बड़ा फैसला लिया है। भाजपा की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ सिद्धार्थ शंभू को सहप्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भाजपा ने 23 सितंबर 2026 को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी एवं सहप्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की।स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ के साथ हरियाणा का भी प्रभारी बनाया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी का पद रिक्त था। अब इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए केंद्रीय स्तर पर अनुभवी चेहरा सामने आने से प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कामकाज में नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है।सर्वव्यापी ने इससे पहले भी छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठनात्मक परिदृश्य, प्रदेश संगठन में संभावित बदलाव और केंद्रीय नेतृत्व की नजर को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की थीं। अब स्मृति ईरानी की नियुक्ति के बाद उन खबरों को लेकर राजनीतिक एवं संगठनात्मक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि किसी भी पूर्व प्रकाशित खबर के प्रत्येक दावे को अलग-अलग आधिकारिक पुष्टि के आधार पर देखना जरूरी है, लेकिन प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति ने संगठन में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं को निश्चित रूप से नया आधार दिया है।स्मृति ईरानी के सामने छत्तीसगढ़ में संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय, संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा तथा पार्टी के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी। वहीं सहप्रभारी सिद्धार्थ शंभू के साथ मिलकर प्रदेश संगठन के कामकाज की निगरानी और आगामी संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी।भाजपा ने एक साथ कई राज्यों में संगठनात्मक नियुक्तियां की हैं। इस व्यापक फेरबदल में छत्तीसगढ़ के लिए स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू की नियुक्ति को प्रदेश संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। अब आने वाले दिनों में प्रदेश भाजपा की बैठकों, संगठनात्मक कार्यक्रमों और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के क्रियान्वयन में नई प्रभारी टीम की भूमिका पर नजर रहेगी।सर्वव्यापी की खबरों पर फिर लगी सच की मुहर—यह दावा अब पाठकों के सामने है, लेकिन असली परीक्षा आने वाले दिनों में होगी कि नई प्रभारी टीम छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन को किस दिशा में आगे ले जाती है।




