
विकास नंद/ सर्वव्यापी
विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों से संवाद किया। बैठक में जिलों में स्वीकृत कार्यों, उनकी प्रगति तथा योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से बारी-बारी संवाद कर योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा मैदानी स्तर पर सामने आ रही कठिनाइयों और उनके सुझावों को जाना। उन्होंने कहा कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अब 375 प्रकार के अनुमेय कार्यों में से ग्रामों की स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का चयन और स्वीकृति की जाए। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में कार्य स्वीकृत किए गए हैं और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप ग्राम सभा के माध्यम से नए कार्य भी लिए जा सकते हैं।उन्होंने योजना में मजदूरी एवं सामग्री का 60:40 अनुपात बनाए रखने तथा जल संरक्षण से संबंधित कम से कम 30 प्रतिशत कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ऋचा शर्मा ने पंचायतों में स्वीकृत कार्यों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे, जिससे निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी।आयुक्त, विकसित भारत-जीरामजी तारन प्रकाश सिन्हा ने जिला पंचायत सदस्यों के योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं तकनीकी समस्याओं से संबंधित प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों तथा किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेत सड़क और धरसा को भी अनुमेय कार्यों में शामिल किया गया है। प्रदेश में बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड तथा डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज जैसे कार्यों को भी प्राथमिकता से लिया जा रहा है। ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकता के अनुसार इन कार्यों का चयन कर सकती हैं।उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) से संबंधित भारत सरकार का नोटिफिकेशन जल्द जारी होने की प्रक्रिया में है। वहीं मनरेगा के शेष लंबित भुगतान के संबंध में भारत सरकार को पत्र भी प्रेषित किया गया है।वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 175 पदों पर भर्ती की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें कार्यक्रम अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर एवं लेखापाल के पद शामिल हैं और भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा बस्तर, बीजापुर एवं नारायणपुर जिलों में 63 रोजगार सहायक पदों पर भर्ती की अनुमति भी दी गई है।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए तथा मैदानी स्तर पर आ रही विभिन्न कठिनाइयों से अधिकारियों को अवगत कराया। पंचायत प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं को आवश्यक कार्रवाई के लिए संकलित किया गया।




