तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
पीएम श्री सेजेस अंग्रेजी माध्यम डीकेपी कोटा में निलंबित शिक्षक आशीष बघेल के निलंबन अवधि के दौरान कथित रूप से पूरा वेतन आहरित किए जाने का मामला सामने आया है। शिक्षक के विरुद्ध शिकायत करने वाले पालक रितेश मिश्रा ने अब सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत संबंधित अभिलेखों और वेतन भुगतान की जानकारी मांगी है। मामला सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।बताया गया है कि शिक्षक आशीष बघेल के विरुद्ध विद्यार्थियों और पालकों की ओर से लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही थीं। इसी दौरान रितेश मिश्रा के पुत्र जलज मिश्रा के साथ कक्षा में कथित मारपीट का मामला सामने आया। शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी स्तर से जांच कराई गई। जांच समिति द्वारा शिक्षक को दोषी पाए जाने के बाद उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई तथा निलंबन अवधि में उपस्थिति के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कोटा कार्यालय निर्धारित किया गया।निलंबन की अवधि में कर्मचारी को नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिए जाने का प्रावधान है। ऐसे में शिकायतकर्ता का आरोप है कि निलंबित शिक्षक को पूर्ण वेतन का भुगतान कैसे और किन परिस्थितियों में किया गया, यह स्पष्ट होना चाहिए। इसी बिंदु को लेकर रितेश मिश्रा ने आरटीआई के माध्यम से वेतन आहरण, भुगतान और संबंधित आदेशों की जानकारी मांगी है। अब आरटीआई के जवाब से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि निलंबन अवधि में वास्तव में कितना भुगतान किया गया और किस आधार पर किया गया।विद्यालय में शिक्षकों के कई पद रिक्त, कला संकाय लगभग पूरी तरह व्याख्याताविहीनइसी विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर एक और गंभीर तस्वीर सामने आई है। जानकारी के अनुसार हिन्दी माध्यम हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल में हिन्दी व्याख्याता के दो पद, अंग्रेजी, संस्कृत और रसायन के एक-एक पद के अलावा भूगोल, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति शास्त्र और वाणिज्य के एक-एक पद रिक्त हैं। इसके चलते कला संकाय में नियमित व्याख्याताओं की भारी कमी बताई जा रही है।विद्यालय में एक भी भृत्य का पद भरा हुआ नहीं होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में एक ओर निलंबित शिक्षक के वेतन आहरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विद्यालय में विषयवार शिक्षकों और सहायक स्टाफ की कमी विद्यार्थियों की पढ़ाई और विद्यालय के दैनिक संचालन को प्रभावित करने वाली स्थिति पैदा कर रही है।अब पूरे मामले में आरटीआई के जरिए मांगी गई जानकारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। निलंबित शिक्षक के वेतन भुगतान के आरोपों की वास्तविकता संबंधित दस्तावेज सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। साथ ही, विद्यालय में लंबे समय से रिक्त पदों को भरने को लेकर शिक्षा विभाग क्या कदम उठाता है, इस पर भी नजर रहेगी।




