
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
जिला अस्पताल बिलासपुर में मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को हो रही परेशानियों एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने नाराजगी जताते हुए जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर तत्काल जांच एवं सुधार की मांग की है।छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला अध्यक्ष ने शिकायत में कहा है कि स्त्रीरोग ओपीडी के सामने फॉल्स सीलिंग में लीकेज के कारण सीलिंग का हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिरने की स्थिति में है, जिससे वहां आने-जाने वाली गर्भवती महिलाओं एवं मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।जिला संयोजक मनोज कौशिक ने कहा स्तनपान के लिए बनाए गए कक्ष में ताला लगे होने, दिव्यांगों के लिए बनाए गए टॉयलेट में ताला होने तथा उसके कथित निजी उपयोग की शिकायत, महिला एवं पुरुष टॉयलेट में गंदगी और पर्याप्त सफाई व्यवस्था नहीं होने जैसे मामले भी शिकायत में उठाए गए हैं।सेना ने यह भी आरोप लगाया कि सोनोग्राफी कक्ष के सामने मरीजों की भारी भीड़ रहती है और मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ता है। गायनिक ओपीडी के सामने कक्ष क्रमांक एवं दिशा संबंधी स्पष्ट जानकारी नहीं होने तथा ओपीडी के सामने चप्पलों के अव्यवस्थित ढंग से पड़े रहने से भी अस्पताल की व्यवस्था एवं स्वच्छता पर सवाल उठ रहे हैं।छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना से पुनिराम सूर्यवंसी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिला अस्पताल का अचानक एवं मौके पर भौतिक निरीक्षण कराया जाए तथा केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर मामले का निराकरण न किया जाए। फॉल्स सीलिंग की तत्काल तकनीकी जांच, शौचालयों की नियमित सफाई, बंद सुविधाओं को मरीजों के लिए उपलब्ध कराने तथा सोनोग्राफी में प्रतीक्षा की समस्या दूर करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने की मांग की गई है।भुनेशवर रजक ने कहा कि सरकारी अस्पताल आम जनता, गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के इलाज का प्रमुख सहारा है। गर्भवती महिलाओं एवं मरीजों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी सुविधाओं में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने जांच में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई तथा सुधारात्मक कार्यवाही की समय-सीमा निर्धारित करने की मांग की है। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन आगे भी आवाज उठाता रहेगा।




