
विकास नंद/ सर्वव्यापी

ग्राम केना निवासी कन्हैयालाल नायक के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके अंतिम संस्कार से लेकर दशगात्र कार्यक्रम तक बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार, शुभचिंतक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। दशगात्र कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि कन्हैयालाल नायक ने अपने जीवन में लोगों के बीच गहरी पहचान और आत्मीय संबंध बनाए थे।सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। अंतिम रस्म में शामिल होने और दिवंगत कन्हैयालाल नायक को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए क्षेत्र के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने भी उपस्थित होकर श्रद्धांजलि दी।
तेज बारिश भी नहीं रोक पाई श्रद्धांजलि देने वालों के कदम
दशगात्र कार्यक्रम के दिन सुबह से ही मौसम खराब था। आसमान में काले बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई, लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी लोगों के उत्साह और श्रद्धांजलि की भावना को नहीं रोक सकीं।कई लोग छाता और रेनकोट लेकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे तो अनेक लोग बारिश में भीगते हुए भी अपने प्रियजन को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर लोगों की लगातार बढ़ती भीड़ से ऐसा प्रतीत हुआ मानो खराब मौसम भी उनके कदमों को रोकने में असमर्थ रहा।
व्यवहार कुशलता और मिलनसारिता ने बनाई अलग पहचान
कन्हैयालाल नायक के व्यक्तित्व को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने कहा कि वे व्यवहार कुशल, मिलनसार और बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे। समाज में उनका गहरा प्रभाव था और उन्होंने अपने जीवन में बड़ी संख्या में लोगों से आत्मीय संबंध बनाए। यही वजह रही कि उनके दशगात्र में स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में शुभचिंतक और रिश्तेदार पहुंचे।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनके तैलचित्र पर पुष्प एवं पुष्पमाला अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार गांव में पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिला, जब तेज बारिश के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोग दशगात्र कार्यक्रम में शामिल हुए।
व्यवस्थाएं भी पड़ीं छोटी
कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ को देखते हुए की गई व्यवस्थाएं भी कई जगह कम पड़ती नजर आईं। इसके बावजूद आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों के लिए सामूहिक भोज की व्यवस्था भी की गई थी।शाम तक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पुत्र जन्मजय नायक, धर्मजय नायक तथा भाई नेहरू लाल नायक सहित परिवार के सदस्यों ने दशगात्र में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।




