
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/ सर्वव्यापी/
जिला इंटक कार्यालय जीपीएम से ताजा मामला सामने आया है जिसके अनुसार गौरेला के मजदूर चंचल रोहणी, निवासी – वार्ड क्रमांक 15 अंबेडकर नगर का है जिसके अनुसार पुट्टी मजदूर ने गौरेला में एक मकान मालिक के यहां पुट्टी पुताई का कार्य किया था l जहां मकान मालिक ने पुट्टी मजदूर चंचल रोहणी से कहा था कि आप बाहर से सामान खुद खरीद कर लाकर अपना काम करो मै सामग्री राशि का भुगतान कर दूंगा l जिसके बाद पुट्टी मजदूर चंचल रोहणी ने अपने नाम से पुट्टी पुताई का सामग्री दुकानदार से लाकर अपना काम पूरा कर दिया l लेकिन काम पूरा होने के बाद मकान मालिक ने चंचल रोहणी को पंद्रह हजार लेवर पेमेंट दिया जबकि मजदूरी भुगतान उन्नीस हजार दिया जाना था l साथ ही पच्चीस हजार रुपए लागत सामग्री के राशि का भुगतान अगले दिन देने को कहा l लेकिन मकान मालिक ने आगे छः – सात महीने तक मजदूर को राशि भुगतान आज दूंगा कल दूंगा कहकर घूमाते रहा और भुगतान नहीं किया l वहीं दूसरी ओर जिस दुकानदार से मजदूर चंचल रोहिणी ने सामान खरीदा था, बहुत दिनों तक सामान की राशि नहीं मिलने पर उसने नाराज होकर मजदूर चंचल रोहणी के साथी मजदूर की मोटर सायकल छीन कर रख लिया l जिससे मजदूर काफी परेशान हो गए और बार-बार मकान मालिक से बकाया राशि की मांग करने लगा l जिससे वह अपने साथी की मोटरसाइकिल दुकानदार से वापस ले सके l लेकिन मकान मालिक ने आगे भी 8-9 महीने तक राशि भुगतान नहीं किया l उधर दुकानदार ने मजदूर चंचल रोहिणी से साफ-साफ कहा की सामग्री की राशि का भुगतान जब तक नहीं करोगे तब तक तुम्हारे साथी का मोटरसाइकिल नहीं दिया जाएगा l इन सभी परेशानियों से त्रस्त होकर मजदूर चंचल रोहिणी जिला कार्यालय, राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक में आकर अपना लिखित आवेदन प्रस्तुत किया और न्याय दिलाने की उम्मीद जताई l जिसके बाद इंटक प्रदेश सचिव एवं जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने मकान मालिक को अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिवस का समय दिया है l जिसके बाद आगे की उचित कार्रवाई कराई जाएगी l इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने अभी मिडिया से मकान मालिक एवं दुकानदार का नाम सार्वजनिक नहीं किया है l इस संबंध में उनका कहना है कि मकान मालिक और दुकानदार को अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है l दूसरे-तीसरे पक्ष का जवाब आने के बाद ही उनका नाम सार्वजनिक किया जायेगा l अगर आपसी समझौता से ही बात बन जाती है तो किसी की छवि खराब करने की जरूरत नहीं है l आगे इंटक जिला अध्यक्ष ने बताया कि इंटक का उद्देश्य ही मजदूरों के हक अधिकार दिलाने का है, किसी को बदनाम करने का नहीं है वरना मामला तो एफआईआर दर्ज कराने तक का भी बनता है l आगे भी इंटक की पूरी कोशिश यही रहेगी कि आपसी समझौता से काम बन जाये और किसी गरीब मजदूर की मजदूरी और उसके साथी का मोटरसाइकिल मिल जाये l अब आगे देखना यह होगा कि इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी जो मजदूरों के मसीहा के रूप में जाने जाते हैं, वो क्या? मजदूरों को उनका हक-अधिकार दिला पाते हैं या फिर मकान मालिक एवं दुकानदार का नाम उजागर नहीं करने के पीछे कोई दूसरा कारण भी है ?




