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10 दिन में 493 विशेष श्रेणी के किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन पूरा करने के निर्देश।

विकास नंद/ सर्वव्यापी

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व प्रकरणों के निराकरण एवं विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने एग्रीस्टैक पंजीयन को प्राथमिकता देते हुए विशेष श्रेणी के किसानों सहित सभी पात्र किसानों का पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष श्रेणी के शेष 493 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन 10 दिनों के भीतर पूरा करने को कहा गया।बैठक में अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, डिप्टी कलेक्टर सृष्टि चंद्राकर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अक्षा गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर तेजपाल सिंह ध्रुव सहित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। अन्य अनुविभाग एवं तहसीलों के राजस्व अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारियों को पंजीयन में बकेट क्लेम की प्रक्रिया सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक किसानों को इसमें शामिल कर संबंधित सहकारी समितियों के माध्यम से बकेट क्लेम कराने के निर्देश दिए। संयुक्त खातेदारों का पंजीयन भी प्राथमिकता से करने को कहा गया।उन्होंने प्रत्येक ग्राम में डीसीएस सर्वे कराने, सभी प्लॉट का सर्वे एवं आवश्यक अपडेट सुनिश्चित करने तथा सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को अप्रूवल रेट बढ़ाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।बैठक में स्वामित्व पट्टा के तहत तैयार पट्टों का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने तथा नगरीय निकायों में पट्टा अधिनियम के तहत सर्वे कार्य की भी समीक्षा की गई। नक्शा बंटाकन एवं अपडेशन का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, वन अधिकार पत्र, भू-अर्जन, राजस्व वसूली सहित ग्रामीणों से जुड़े विभिन्न राजस्व प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। विवादित एवं अविवादित नामांतरण, बंटाकन, बंदोबस्त, त्रुटि सुधार, डायवर्सन एवं सीमांकन प्रकरणों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।कलेक्टर लंगेह ने कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र एवं लक्षित हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए। इसके लिए अधिकारी सकारात्मक परिणाम के साथ कार्य करें। उन्होंने न्यायालयीन प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने तथा लोक सेवा गारंटी योजना के तहत प्राप्त आवेदनों को निर्धारित अवधि में निपटाने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार लाभ दिलाने पर जोर दिया।

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