
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उल्लास एवं उमंग के साथ मनाया गया। वाचस्पति भवन के प्रांगण में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने उपस्थितों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी का भी निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने महात्मा गांधी और बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित आजादी के लिए योगदान देने वाले तमाम महापुरुषों एवं सेनानियों का जिक्र करते हुए कहां कि उन्होंने अपने योगदान से शक्ति और दृष्टि का परिचय दिया।स्वाधीनता आंदोलन के युद्ध में असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान रहा है। कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता की जिम्मेदारी हमारी भावी पीढ़ी पर है। उन्होंने आह्वान किया कि हमें स्वतंत्रता का इस्तेमाल विवेक और अत्यंत जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। अनेकों के बलिदान से मिली आजादी को हमें सजग रहकर अक्षुण्ण रखना चाहिए और हमें हमारी एकता पर कही आच नहीं आने देनी चाहिए। वंदे मातरम् गीत के लिखे जाने की कहानी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह गीत सन 1875 में बंकिम चंद्र चैटर्जी ने लिखा। स्वाधीनता आंदोलन में यह गीत देश के जागरण का मंत्र, उत्स औरभारत माता की मुक्ति का शंखनाद बन गया था। हमें युवा पीढ़ी को इस गीत का महत्व बताना चाहिए। विकसित भारत-2047 को साकार करने में युवाओं की भूमिका के संबंध में कुलपति ने कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। विकसित भारत का लक्ष्य युवा शक्ति को साथ लेकर हासिल किया जा सकता है। युवा शक्ति से ऊर्जावान इस देश की भावी पीढ़ी के कंधों पर बहुत बड़ा दायित्व है। हम भूमंडलीकरण के दौर में तेजी से बदलाव की ओर बढ़ रहे हैं। प्रौद्योगिकी, डिजिटलीकरण, ए आई, अंतरिक्ष विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आ रही चुनौतियों को हम अवसर में परिवर्तित कर रहे हैं। यही कारण है कि आज हर गांव और हर किसान डिजिटलीकरण से जुड़ रहा है। अपने उद्बोधन के अंत में कुलपति ने कहा कि हम ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं।ध्वजारोहण समारोह के प्रारंभ में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने महात्मा गांधी एवं बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर अभिवादन किया। ध्वजारोहण समारोह के दौरान राष्ट्रगीत बजाया गया। राष्ट्रध्वज फहराने बाद ने सुरक्षा कर्मियों के बैंड समूह ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर के छात्रों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। ध्वजारोहण के अवसर पर मंच पर कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र गादेवार, वित्ताधिकारी पी. सरदार सिंह, अधिष्ठातागण प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्ल, प्रो. अवधेश कुमार, प्रो. गोपाल कृष्ण ठाकुर, प्रो. जनार्दन कुमार तिवारी, पुस्तकालय अध्यक्ष मैत्रेयी घोष, एनसीसी के एसोसिएट ऑफिसर अनिकेत आंबेकर, सुरक्षा अधिकारी आर. बी. डोंगरे की उपस्थिति रही। इस अवसर पर शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


