
विकास नंद/ सर्वव्यापी
विश्व की प्रमुख और चर्चित हस्तियों में शुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों का लंबा सफर तय करते हुए फर्श से अर्श तक पहुंचने की उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। संगठनात्मक कार्यकर्ता से लेकर देश के प्रधानमंत्री और वैश्विक मंच पर प्रभावशाली नेता के रूप में उनकी यात्रा संघर्ष, अनुशासन, जनसेवा और निरंतर परिश्रम का उदाहरण मानी जाती है। उनके जन्मदिन 17 सितंबर को राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है।
जन्मदिन के अवसर पर देशभर में सामाजिक सेवा, जनजागरूकता और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के माध्यम से सेवा को सामाजिक दायित्व से जोड़ते हुए आम लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से अपने सार्वजनिक जीवन में जनभागीदारी और सेवा को महत्वपूर्ण आधार बताते रहे हैं। उनके जन्मदिन के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाना और जरूरतमंदों के बीच सेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाना है।‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, जनजागरूकता, जरूरतमंदों की सहायता तथा अन्य सामाजिक गतिविधियों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से सेवा गतिविधियों को व्यापक स्वरूप देने की तैयारी है।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन को केवल उत्सव के रूप में मनाने के बजाय इसे सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का अवसर बनाने का संदेश दिया जा रहा है। अभियान के दौरान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने और जनहित से जुड़े कार्यों में सहभागिता बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा।17 सितंबर का दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ उनके लंबे सार्वजनिक राजनीतिक जीवन से भी जुड़ा है। इस अवसर पर देशभर में उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जन्मदिन की शुभकामनाएं दी जाएंगी।
छत्तीसगढ़ में भी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। महासमुंद जिले में ‘आशीर्वाद का दीया’ सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारियां की गई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित यह राष्ट्रव्यापी अभियान सेवा और सामाजिक सहभागिता के संदेश के साथ 17 सितंबर को विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए आगे बढ़ेगा।




