
सीता बनाफर, सर्वव्यापी, ब्यूरो चीफ

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व व तहसीलदार मरवाही के शासकीय संयुक्त कार्यालय भवन में महिला और पुरुष शौचालय पर काफी दिनों से ताला जड़ दिया गया है l जिसके कारण राजस्व न्यायालय में प्रतिदिन आने वाले लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है l एसडीएम और तहसीलदार के कार्यालय में प्रतिदिन राजस्व न्यायालय, सीमांकन, नक्शा बटाँकन, बटवारा, भूमि विवाद, शिकायत जैसे अनेकों समस्याओं को लेकर लोगों का ताँता लगा रहता है, जिसमें अच्छी खासी संख्या महिलाओं की भी होती है l जिसमें कार्यालय की महिला कर्मचारी, महिला वकील, महिला कोटवार और दूर दराज के गांव से आने वाली अनपढ़ महिलाएं भी शामिल हैं l इन महिलाओं को शौचालय में ताला जड़े होने के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है l पुरुष वर्ग तो कार्यालय के पीछे, पेट्रोल टंकी व कहीं भी जाकर अपनी समस्या का समाधान कर लेते हैं, लेकिन महिलाएं संकोच वश अपनी समस्या किसी से नहीं बता पाती हैं और उनकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं है l यदि कार्यालय के इन दोनों शौचालय में मरम्मत का कोई काम अधूरा है और इसे खोल पाना संभव नहीं है तो फिर भी महिलाओं की समस्याओं को देखते हुए महिला शौचालय को तत्काल खोल देना चाहिए l अब सवाल यह उठता है कि यदि कार्यालय में शौचालय पर ताला ही जड़ना जरूरी है तो फिर शासन-प्रशासन लाखों रुपए का शौचालय शासकीय भवनों में क्यों बनवाती है? क्या स्वच्छ भारत मिशन के स्लोगन शासकीय भवनों के दीवारों की शोभा बढ़ाने के लिए गढ़े गए हैं, या फिर लोगों के सार्वजनिक जीवन में भी इसका कोई औचित्य बनता है l बहरहाल आगे देखना यह होगा की सर्वव्यापी में महिला शौचालय से संबंधित समाचार प्रकाशित होने के बाद निकिता मरकाम अनुविभागीय अधिकारी मरवाही द्वारा आगे क्या सकारात्मक कदम उठाया जाता है ?



