
नूर मोहम्मद, जिला ब्यूरो चीफ, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही(सर्वव्यापी)

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर डाइट पेंड्रा के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले को पूर्ण साक्षरता की दिशा में आगे बढ़ाने वाले अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों एवं नव साक्षरों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर साक्षरता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नोडल अधिकारी साक्षरता कार्यक्रम आलोक शुक्ला को कलेक्टर विजय दयाराम के. ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।कार्यक्रम में जिले की साक्षरता दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि को उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया गया। जिले की साक्षरता दर 56 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत तक पहुंची है। अधिकारियों ने इसे सामूहिक प्रयास, शिक्षकों की सक्रिय भूमिका और जनभागीदारी का परिणाम बताया।
कलेक्टर ने कहा-साक्षरता अभियान की शुरुआत घर से हो

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा कि जिले की साक्षरता दर को 56 प्रतिशत से बढ़ाकर 78 प्रतिशत तक पहुंचाना सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि साक्षरता अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर इसे सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।उन्होंने अपील की कि प्रत्येक साक्षर बच्चा अपने परिवार के किसी एक निरक्षर सदस्य को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी ले। जब यह प्रयास प्रत्येक घर से शुरू होगा, तभी जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
आलोक शुक्ला को उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान

साक्षरता कार्यक्रम में नोडल अधिकारी के रूप में आलोक शुक्ला के उत्कृष्ट कार्य और योगदान को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए उन्हें कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उनके सम्मान को कार्यक्रम में साक्षरता अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं के उत्साहवर्धन के रूप में देखा गया।कार्यक्रम में नोडल अधिकारियों, ग्राम प्रभारी शिक्षकों, स्वयंसेवी शिक्षकों तथा नव साक्षरों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
नव साक्षर मीनू बाई ने फहराया साक्षरता ध्वज
कार्यक्रम की शुरुआत नव साक्षर मीनू बाई द्वारा साक्षरता ध्वज फहराकर की गई। इस अवसर पर साक्षरता अभियान की उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।साक्षरता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए साक्षरता रैली आयोजित करने तथा ‘हर घर साक्षरता दीप’ जलाने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि साक्षरता का अर्थ केवल पढ़ना-लिखना सीखना नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक बदलाव से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
नुक्कड़ नाटक ने दिया सामाजिक जागरूकता का संदेश
डाइट के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर अंधविश्वास जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक किया। प्रस्तुति के माध्यम से शिक्षा और साक्षरता को सामाजिक परिवर्तन का आधार बताया गया।कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी एवं जिला मुख्य आयुक्त स्काउट एवं गाइड नीरज जैन ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए व्यापक जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।इस अवसर पर नोडल अधिकारी मुकेश कोरी, आलोक शुक्ला सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, स्वयंसेवी शिक्षक एवं नव साक्षर उपस्थित रहे।



