
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने में युवाओं की बड़ी भूमिका है। युवा ही राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं।शनिवार, 24 अक्टूबर को 18वीं समूह स्तरीय राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2026 का आयोजन कस्तूरबा सभागार में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर प्रमुख अतिथि के रूप में राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता ग्रुप VI के शिवाजी विद्यापीठ, कोल्हापुर के समन्वयक प्रो. प्रल्हाद माने एवं अतिथि के रूप में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज विद्यापीठ, नागपुर के डॉ. अंबेडकर स्कूल ऑफ लॉ के निदेशक प्रो. रविशंकर मोर उपस्थित थे।युवा संसद प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 55 विद्यार्थियों ने सहभागिता करते हुए अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। कुलपति प्रो. शर्मा ने युवा संसद में शामिल विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा करने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। आपको विकसित भारत बनाने की दिशा में अपना योगदान देना चाहिए। युवा संसद में विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आपकी विभिन्न मुद्दों पर रखी बेबाक राय एवं तार्किक क्षमता से मैं अभिभूत हुई हूं। उन्होंने छात्राओं की प्रशंसा में कहा कि प्रतियोगिता में 55 में से 21 छात्राओं की सहभागिता नारी शक्ति वंदन की मूल भावना को दर्शाती है।इस अवसर डॉ. प्रल्हाद माने एवं प्रो. रविशंकर मोर ने विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों से जुड़ी समस्याएं उठाकर विद्यार्थियों ने अपनी क्षमता, प्रतिभा और वक्तृत्व शैली का परिचय दिया है। युवा संसद में अनिवार्य मतदान विधेयक पटल पर रखा गया और उस पर गंभीर चर्चा की गई। विद्यार्थियों में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छ: विद्यार्थियों का चयन किया गया जिसमें प्रथम स्थान लोकसभा अध्यक्ष दिव्या महारनवार को मिला। प्रियांशु कुमार ने द्वितीय स्थान पाया। प्रधानमंत्री की भूमिका में रही जनसंचार विभाग की छात्रा शिया तृतीय स्थान पर रही। चतुर्थ स्थान पर अंकिता थुल, अमन मौर्य और मोनिका को सम्मानित किया गया। उन्हें स्मृति चिन्ह, स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र प्रदान कर गौरवान्वित किया गया। राष्ट्रीय युवा संसद में 55 विद्यार्थियों ने 55 मिनट तक भारत सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं को लेकर पुरजोर तरीके से अपने विचार व्यक्त किए। विभिन्न मुद्दों पर चर्चा, शून्य काल, शपथ ग्रहण, शोक प्रस्ताव आदि के साथ संसद की कार्यप्रणाली सम्पन्न हुई। जिसमें विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने लोकसभाध्यक्ष, प्रधानमंत्री, लोकसभा के मुख्य सचिव, नेता प्रतिपक्ष तथा अन्य मंत्री के रूप में भूमिका निभाई।
अतिथियों का स्वागत शॉल, सूतमाला, सम्मान चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ से किया गया।स्वागत वक्तव्य युवा संसद के संयोजक एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बालाजी चिरडे ने दिया। कार्यक्रम का संचालन अनुवाद अध्ययन विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मीरा निचळे ने किया। कार्यक्रम का प्रारंभ कुलगीत से तथा समापन राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान से किया गया। इस अवसर पर अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।



