
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ में परिवहन आयुक्त की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को परिवहन आयुक्त बनाए जाने की सिफारिश लगभग छह महीने पहले की गई थी, लेकिन अब तक इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है।सूत्रों का दावा है कि सरकार के स्तर पर इस नियुक्ति को लेकर सबसे बड़ी आपत्ति यही रही कि जिस अधिकारी के नाम की चर्चा चल रही है, वह पूर्व में परिवहन विभाग में लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। सरकार नए चेहरे को मौका देने के पक्ष में थी, जिसके कारण यह मामला लगातार लंबित होता चला गया।हालांकि अब प्रशासनिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक आने वाले 15 दिनों के भीतर उसी अधिकारी के नाम पर अंतिम सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो यह नियुक्ति राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण मानी जाएगी।परिवहन विभाग छत्तीसगढ़ शासन का एक ऐसा विभाग है, जहां राजस्व संग्रहण, प्रवर्तन कार्रवाई, सड़क सुरक्षा और वाहन व्यवस्था जैसे कई संवेदनशील विषय सीधे जुड़े हुए हैं। ऐसे में परिवहन आयुक्त की नियुक्ति हमेशा सरकार की प्राथमिकताओं में रहती है। लंबे समय से पद खाली रहने या अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चलने से विभागीय कामकाज को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।राज्य सरकार के सामने चुनौती यह है कि वह ऐसे अधिकारी का चयन करे जो विभागीय व्यवस्था में पारदर्शिता, प्रभावी प्रशासन और राजस्व वृद्धि को गति दे सके। वहीं दूसरी ओर, राजनीतिक और प्रशासनिक सिफारिशों के बीच संतुलन बनाना भी सरकार के लिए अहम माना जा रहा है।अब देखना होगा कि छह महीने से चल रही इस कवायद का अंत कब होता है और क्या वही चर्चित आईपीएस अधिकारी परिवहन आयुक्त की कुर्सी संभालेंगे, जिसकी सिफारिश लंबे समय से की जा रही है, या सरकार कोई नया नाम सामने लाकर प्रशासनिक संदेश देने का प्रयास करेगी। आने वाले पखवाड़े में इस पर अंतिम तस्वीर साफ होने की संभावना है।




