मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी ऊर्जा विहार कॉलोनी की समस्या जस की तस, छतौना पंचायत के रहवासी विकास की बाट जोहने मजबूर…उच्च न्यायालय से लगे क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना से भी नहीं मिला लाभ; प्लाटिंग करने वालों की जिम्मेदारी पर उठे सवाल।

बिलासपुर,भागवत प्रसाद, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से लगे ग्राम पंचायत छतौना के ऊर्जा विहार कॉलोनी के रहवासी लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कॉलोनी की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी अब तक अपेक्षित निराकरण नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी में सड़क, नाली, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर कई बार संबंधित विभाग एवं पंचायत स्तर पर ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के माध्यम से क्षेत्र के विकास कार्यों को स्वीकृति मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।बताया जा रहा है कि तखतपुर क्षेत्र के एक वरिष्ठ भाजपा नेता द्वारा क्षेत्र में प्लाटिंग कर कॉलोनी विकसित की गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने यहां मकान बनाए और निवास प्रारंभ किया। लेकिन कॉलोनी में रहने वाले लोगों का आरोप है कि प्लाटिंग के दौरान जिन सुविधाओं का भरोसा दिलाया गया था, वे आज भी अधूरी हैं।रहवासियों का सवाल है कि जब यह क्षेत्र प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक संस्थान छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के समीप स्थित है, तब भी यहां के नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी यदि समाधान नहीं होता तो आम जनता अपनी समस्याएं आखिर किसके सामने रखे।अब लोगों की नजर जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और राज्य सरकार पर है कि ऊर्जा विहार कॉलोनी की समस्याओं का समाधान कब तक किया जाएगा। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि निजी प्लाटिंग करने वालों की जिम्मेदारी तय होगी या फिर विकास का पूरा भार सरकारी योजनाओं पर ही छोड़ दिया जाएगा।सरकार की योजनाएं कागजों से निकलकर जमीन तक कब पहुंचेंगी, यह सवाल ऊर्जा विहार कॉलोनी के रहवासी लगातार उठा रहे हैं।



