
नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ,गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)

सामान्य छात्रावास गुरुकुल, गौरेला में आयोजित पालक-बालक सम्मेलन केवल औपचारिक संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के शैक्षणिक भविष्य और बेहतर परिणाम को लेकर अधिकारियों ने उन्हें सफलता का स्पष्ट लक्ष्य भी दिया। सम्मेलन में जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने विद्यार्थियों को आगामी बोर्ड परीक्षा में मेरिट सूची में स्थान बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन और कड़ी मेहनत से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में साक्षरता के नोडल अधिकारी आलोक शुक्ला एवं छात्रावास अधीक्षक उदेश सिंह भी उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ पालकों और छात्रावास प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
डीईओ रजनीश तिवारी ने दिया मेरिट का लक्ष्य
मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सफलता के लिए सबसे पहले लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत के साथ आगामी बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल परीक्षा पास करने का लक्ष्य न रखें, बल्कि मेरिट में अपना स्थान बनाने की दिशा में प्रयास करें।डीईओ ने शासन की ओर से विद्यार्थियों के लिए संचालित छात्रवृत्ति एवं विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी भी दी तथा उनका लाभ उठाकर अपनी पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
आलोक शुक्ला ने पढ़ने की आदत को बताया सफलता की पहली सीढ़ी
साक्षरता के नोडल अधिकारी आलोक शुक्ला ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए। नियमित रूप से पढ़ने की आदत बच्चों के ज्ञान और व्यक्तित्व दोनों का विकास करती है। उन्होंने विद्यार्थियों में पढ़ने-लिखने की रुचि विकसित करने तथा साक्षरता अभियान से जुड़कर ज्ञान का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया।
छात्रावास की व्यवस्थाओं पर हुई चर्चा
सम्मेलन के दौरान छात्रावास अधीक्षक उदेश सिंह ने छात्रावास में उपलब्ध भोजन, आवास, पेयजल, सुरक्षा,अध्ययन-अध्यापन एवं खेल सुविधाओं की जानकारी दी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, दैनिक समय-सारणी तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी पालकों और अधिकारियों के बीच विस्तार से चर्चा हुई।
पालक-बालक सम्मेलन में बच्चों की शिक्षा को बेहतर दिशा देने, उनकी प्रतिभा को निखारने और आगामी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया। सम्मेलन का संदेश स्पष्ट रहा कि सुविधाओं के साथ यदि लक्ष्य, अनुशासन और निरंतर मेहनत जुड़ जाए तो छात्रावास के विद्यार्थी भी मेरिट में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं।




