
विकास नंद (सर्वव्यापी)
जिले में मतदाता सूची को अद्यतन करने और नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार महाविद्यालयों, स्कूलों और मतदान केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रमों के साथ विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत अब तक 5,600 नए एवं छूटे हुए मतदाताओं के नाम जोड़े जा चुके हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में वर्तमान में कुल 8 लाख 476 मतदाता दर्ज हैं। अभियान के माध्यम से पात्र युवाओं और उन नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है, जिनके नाम अब तक सूची में दर्ज नहीं हो पाए हैं। इसके लिए बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं के पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
बम्हनी स्कूल में 60 से अधिक विद्यार्थियों का पंजीयन
इसी क्रम में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बम्हनी में मतदाता पंजीयन के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया। शिविर में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 तथा मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरने की प्रक्रिया पूरी कराई गई।इस दौरान ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से 60 से अधिक छात्र-छात्राओं का पंजीयन किया गया। विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, पंजीयन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में जानकारी भी दी गई।
28 और 29 अक्टूबर को सभी मतदान केंद्रों पर लगेंगे शिविर
निर्वाचन संबंधी जानकारी के अनुसार, जिले के सभी मतदान केंद्रों पर 28 एवं 29 अक्टूबर को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में पात्र नागरिक अपने नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही मतदाता सूची में दर्ज नाम, पता या अन्य विवरणों में आवश्यक संशोधन के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन किया जा सकेगा।
17 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा भी कर सकते हैं आवेदन
मतदाता पंजीयन अभियान के तहत 17 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को भी पंजीयन प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जा रहा है। हालांकि, मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए 18 वर्ष की पात्रता आवश्यक है। 17 वर्ष से अधिक आयु के युवा निर्धारित प्रक्रिया के तहत अग्रिम आवेदन कर सकते हैं। पात्रता पूरी होने पर नियमानुसार उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है।निर्वाचन विभाग की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभा सके।




