
विकास नंद/सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन की पहुंच आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में 70 नए विकासखंडों के गठन को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से विभिन्न जिलों में प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अधिक आसानी से मिल सकेगा।महासमुंद जिले के लिए भी यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में पटेवा, सांकरा, कोमाखान, भंवरपुर और छुहीपाली को नए विकासखंड के रूप में शामिल किया गया है। लंबे समय से इन क्षेत्रों को अलग विकासखंड का दर्जा दिए जाने की मांग उठती रही है। नए विकासखंड बनने से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने के साथ विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।प्रदेश में नए विकासखंडों के गठन को ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और प्रशासनिक विकेंद्रीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को जनपद एवं विकासखंड स्तर की सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करने से राहत मिल सकती है।इस निर्णय के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और पंचायत मंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार जताया गया है। महासमुंद जिले में पटेवा, सांकरा, कोमाखान, भंवरपुर और छुहीपाली को विकासखंड बनाए जाने से स्थानीय स्तर पर विकास की नई संभावनाएं पैदा होने की उम्मीद है।


