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तराईगांव जलाशय में गूंजी जल बचाने की हुंकार, ग्रामीणों ने लिया स्वच्छ जल स्रोतों के सरंक्षण का संकल्प।

नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

(सर्वव्यापी) 2 अक्टूबर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायत तराईगांव में जल संरक्षण, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल को लेकर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं पंचायत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।कार्यक्रम के दौरान तराईगांव जलाशय एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया गया। जलाशय और नदी घाट की साफ-सफाई के साथ ग्रामीणों को जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। इसके साथ ही जनसंपर्क, ग्रामीण पेयजल स्रोतों की जांच, जल जन चौपाल तथा ग्राम जल सुरक्षा संवाद जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं।*हर बूंद कीमती, जल संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी*जल जन चौपाल में ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व की जानकारी देते हुए बताया गया कि पानी केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जीवनरेखा है। वर्षा जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग, प्राकृतिक एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया।ग्राम जल सुरक्षा संवाद के दौरान पेयजल स्रोतों की नियमित देखरेख, जल की गुणवत्ता की जांच तथा सुरक्षित पेयजल उपलब्धता में ग्रामीणों की भागीदारी के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों को जल स्रोतों में कचरा नहीं डालने, जल का अनावश्यक अपव्यय रोकने और गांव में उपलब्ध जल संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की समझाइश दी गई।*ग्रामीणों ने लिया सामूहिक संकल्प*कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हुए जल का अपव्यय रोकने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने तथा जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जल संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।तराईगांव में आयोजित इस पहल ने स्वच्छता और जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ग्रामीणों में जल संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना को और मजबूत किया।

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