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सरकारी जमीन में अवैध कब्जे पर तहसीलदार श्रीधर पंडा सख्त, 7 दिन में निर्माण हटाने का आदेश।

विकास नंद/सर्वव्यापी

सरायपाली में खसरा नंबर 777 की शासकीय भूमि पर 798 वर्गफीट अनाधिकृत निर्माण का मामला, तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिस बल की मौजूदगी में हटेगा अतिक्रमणसरायपाली। पुराना टैक्सी स्टैंड के पास स्थित शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण के मामले में तहसीलदार सरायपाली ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 248 के तहत जारी आदेश में संबंधित व्यक्ति को स्वयं अतिक्रमण और निर्माण हटाने के लिए सात दिनों की मोहलत दी गई है। निर्धारित अवधि में कब्जा नहीं हटाने पर राजस्व अमले और पुलिस बल की सहायता से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

मामला उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर में दायर प्रकरण क्रमांक डब्ल्यूपीसी 3818/2026 से जुड़ा है। उच्च न्यायालय के 23 जुलाई 2026 के आदेश के पालन में कलेक्टर के माध्यम से प्राप्त निर्देशों के आधार पर तहसील कार्यालय द्वारा 3 सितंबर 2026 को मौके का निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान पंचनामा तैयार कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

जांच में सरायपाली स्थित खसरा नंबर 777 की कुल 7.453 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेख में शासकीय आबादी मद में दर्ज पाई गई। यह भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग के कार्यालय भवन से संबंधित क्षेत्र में स्थित बताई गई है। हल्का पटवारी की रिपोर्ट के अनुसार लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता द्वारा वर्ष 2009 से परिवार सहित उक्त शासकीय भूमि पर निवास किया जा रहा है।निरीक्षण के दौरान पुराने कार्यालय भवन के समीप लगभग 798 वर्गफीट क्षेत्रफल में अनाधिकृत निर्माण पाए जाने की बात सामने आई। जांच रिपोर्ट में डीपीसी कॉलम, दीवार सहित अन्य निर्माण का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा करीब दो फीट अतिरिक्त क्षेत्र में एस्बेस्टस शेड का विस्तार तथा डीपीसी के ऊपर लगभग सात फीट ऊंची दीवार बनाए जाने की जानकारी भी दर्ज की गई।

तहसीलदार के आदेश के अनुसार सुनवाई के दौरान अनावेदक की ओर से अपने पक्ष में कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। उपलब्ध राजस्व अभिलेख और जांच रिपोर्ट के आधार पर खसरा नंबर 777 की शासकीय भूमि के 798 वर्गफीट क्षेत्र में किए गए नवीन अनाधिकृत अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण को हटाने का निर्देश दिया गया है।

आदेश में 17 सितंबर 2026 तक निर्माण सामग्री सहित अवैध निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर राजस्व अमले द्वारा पुलिस बल की सहायता से कब्जा हटाकर शासकीय भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा। इस कार्रवाई में होने वाला पूरा खर्च और उसकी जिम्मेदारी अनावेदक की होगी।तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक, संबंधित हल्का पटवारी, मालजमादार और थाना प्रभारी सरायपाली को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने तथा तत्काल पालन प्रतिवेदन तहसील कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश 11 सितंबर 2026 को तहसीलदार सरायपाली द्वारा जारी किया गया।

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