
विकास नंद/सर्वव्यापी
जिले में अवैध खनिज उत्खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में शासन के राजस्व हितों के संरक्षण और खनिज संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन की दिशा में की गई कार्रवाई से जिले को बड़ी राजस्व उपलब्धि हासिल हुई है।वित्तीय वर्ष 2025-26 में खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम बरबसपुर, बड़गांव, बिरकोनी एवं घोड़ारी में अवैध रूप से भंडारित रेत के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 2,53,303 घन मीटर रेत जब्त की थी। जब्त रेत के सुरक्षित संरक्षण और शासन को राजस्व प्राप्त कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार बंद लिफाफे के माध्यम से नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई।कलेक्टर लंगेह के मार्गदर्शन में नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी, प्रतिस्पर्धात्मक एवं नियमसम्मत तरीके से संपादित किया गया। पात्र निविदाकारों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए जब्त रेत के विक्रय की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके परिणामस्वरूप लगभग 2,53,303 घन मीटर जब्त रेत की नीलामी से शासन को 7 करोड़ 19 हजार 566 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।यह कार्रवाई केवल राजस्व प्राप्ति तक सीमित नहीं रही, बल्कि अवैध खनिज गतिविधियों में संलिप्त लोगों के लिए भी सख्त संदेश के रूप में सामने आई है। अवैध रूप से रेत का भंडारण करने पर जब्ती के बाद नियमानुसार नीलामी किए जाने से खनिज नियमों के पालन और कानून के प्रति जवाबदेही को बढ़ावा मिला है।जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग की इस पहल से एक ओर शासन को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, वहीं दूसरी ओर जब्त खनिज का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित हुआ। महासमुंद में कलेक्टर लंगेह के मार्गदर्शन में हुई यह कार्रवाई राजस्व सृजन, पारदर्शिता और अवैध खनिज गतिविधियों पर नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।




