
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर संभाग अंर्तगत मुंगेली जिले के जनपद पंचायत मुंगेली के अंतर्गत ग्राम पंचायत निरजाम में लंबे समय से सड़क पर जमा गंदे पानी और जाम नाली की समस्या आखिरकार दूर हो गई। ग्रामीणों की इस समस्या को लेकर सर्वव्यापी पोर्टल द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित किए जाने के बाद 9 अगस्त को ग्राम पंचायत स्तर पर नाली की सफाई कराई गई, जिसके बाद सड़क पर लंबे समय से जमा गंदे पानी की निकासी हो सकी और राहगीरों तथा स्कूली बच्चों को आवागमन में बड़ी राहत मिली। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत निरजाम के हितग्राही देवराज साहू ने 25 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि पूर्व सरपंच देवचरण साहू के घर के सामने सड़क पर काफी दिनों से गंदा पानी जमा हुआ है और नाली जाम होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। सड़क पर गंदा पानी जमा रहने के कारण राहगीरों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत के बाद जांच टीम द्वारा पानी निकासी की समस्या का निराकरण पूर्ण होने की जानकारी कागजों में अपलोड कर दी गई, लेकिन शिकायतकर्ता और ग्रामीणों के अनुसार मौके पर स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं हुआ तथा सड़क पर गंदा पानी उसी तरह जमा रहा। ऐसे में कागजी निराकरण और जमीनी हकीकत के बीच अंतर का मामला सामने आया। ग्रामीणों की इस समस्या को सर्वव्यापी पोर्टल ने प्रमुखता से उठाया और जिम्मेदारों का ध्यान वास्तविक स्थिति की ओर आकर्षित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद आखिरकार 9 अगस्त को नाली की सफाई कराई गई और सड़क पर जमा गंदे पानी की निकासी हो गई। लंबे समय से जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। विशेष रूप से स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए आवागमन अब आसान हो गया है। शिकायतकर्ता देवराज साहू ने समस्या के समाधान के बाद सर्वव्यापी पोर्टल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी शिकायत के बावजूद जब जमीनी स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तब सर्वव्यापी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद नाली की सफाई हुई और सड़क पर जमा गंदे पानी से लोगों को निजात मिली। निरजाम की यह घटना एक बार फिर यह सवाल भी खड़ा करती है कि जब किसी शिकायत के निराकरण की जानकारी कागजों और ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज कर दी जाती है, तो उसका वास्तविक असर जमीन पर दिखाई देना भी उतना ही जरूरी है। राहत की बात यह है कि सर्वव्यापी द्वारा जनसमस्या को सामने लाए जाने के बाद आखिरकार जिम्मेदार तंत्र ने कार्रवाई की और ग्रामीणों को वास्तविक राहत मिली। आम लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाकर उनके समाधान तक मामला पहुंचाना ही जनसरोकार वाली पत्रकारिता का उद्देश्य है और निरजाम में हुआ यह समाधान उसी दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है।




