Newsछत्तीसगढ़

सीएचसी पाली में स्वास्थ्य सेवाओं का दिखा असर: बिना किसी पूर्व सूचना अस्पताल पहुँची स्वास्थ्य विभाग की सभापति…! बोली- बीएमओ डॉ. सराफ के नेतृत्व में बदली है चिकित्सा व्यवस्था की तस्वीर।

तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

कोरबा जिले के पाली ब्लाक क्षेत्र के लोगों के लिए अच्छी खबर है। कभी अव्यवस्थाओं के लिए चर्चा में रहने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मिशाल बन रहा है। यह बात तब सामने आया जब स्वास्थ्य विभाग की सभापति एवं नगर पंचायत पार्षद दीप्ति दीपक शर्मा ने बीते दिनों सीएचसी का औचक निरीक्षण किया।बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल के निरीक्षण में पहुँची सभापति दीप्ति शर्मा ने निरीक्षण के बाद संतुष्टि जाहिर की तथा अस्पताल व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कहा कि व्यवस्थाओं में काफी सुधार दिखा और स्टाफ का व्यवहार सराहनीय था। जहां ओपीडी से लेकर प्रसूति कक्ष, दवा वितरण, टीकाकरण और इमरजेंसी वार्ड तक हर जगह साफ- सफाई मिली। डॉक्टर समय पर ड्यूटी में मिले, आवश्यक दवाइयां उपलब्ध थी एवं सबसे बड़ी बात मरीजों से सीधे संवाद कर फीडबैक लेने पर स्टाफ के व्यवहार को सहयोगात्मक बताया गया। पहले की तुलना में व्यवस्थाएं काफी सुधरी हैं, यह बदलाव सकारात्मक है। उन्होंने आगे कहा कि पाली जैसे विकासखण्ड मुख्यालय में ही अब लोगों को दांत, हड्डी, आंख, महिला एवं प्रसूति और बच्चों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज मिलने लगा है, यह शासन की स्वास्थ्य योजनाओं की बड़ी सफलता है। हमारी कोशिश है कि पाली क्षेत्र के लोगों को छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बीमारी के लिए कोरबा या प्राइवेट अस्पताल न जाना पड़े और सीएचसी में ही उन्हें बेहतर उपचार मिले। वहीं विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल सराफ ने सभापति के निरीक्षण पर कहा- हम सभी स्वास्थ्य टीम का लक्ष्य है कि सीएचसी पाली में आने वाला हर मरीज संतुष्ट और स्वस्थ होकर जाए। वर्तमान में हमारे पास 09 डॉक्टर, 01 महिला रोग विशेषज्ञ, 10 नर्सिंग स्टाफ और 09 सफाई कर्मी हैं। जो 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं। आशा, एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से हमने गांव- गांव में संस्थागत प्रसव और टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई हैं, जिससे संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ी है। उन्होंने सभापति के निरीक्षण में मिली कमियां जिसमे, सोनोग्राफी के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नही होने से गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना और अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था अस्त- व्यस्त मिलने तथा रात्रिकालीन सुरक्षा गार्ड नही होने से रात में इलाज के लिए आने वाली महिलाओं और ड्यूटी पर तैनात महिला स्टाफ को असुरक्षा महसूस होने को लेकर कहा कि सभापति द्वारा बताई गई कमियों पर हम तुरंत प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजेंगे और स्थानीय स्तर पर पार्किंग व्यवस्था को दो दिन के भीतर दुरुस्त करेंगे। निरीक्षण के दौरान मौजूद एल्डरमेन रामबिलास जायसवाल ने बताया कि अब छोटी- छोटी बीमारियों के लिए जिला अस्पताल नही जाना पड़ता, डॉक्टर समय पर मिलते हैं, मुफ्त दवा मिलती है और प्रसव भी सुरक्षित हो रहे हैं। अब यहां आने वाले मरीजों को भटकना नही पड़ रहा। औचक निरीक्षण पश्चात सभापति दीप्ति शर्मा ने अंत मे समस्त स्टाफ को निर्देशित किया कि मरीज के साथ कुशल व्यवहार ही आधी दवा है, इसलिए हर मरीज और उसके परिजन से सहानुभूति के साथ पेश आए। क्षेत्र की जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नही होनी चाहिए, यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दौरान पार्षद ज्योति उइके, सुनील साहू, पार्षद प्रतिनिधि दीपक शर्मा, दीपक डिक्सेना, नरेंद्र शर्मा सहित अस्पताल स्टाफ उपस्थित रहें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!