
विकास नंद/ सर्वव्यापी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और युवाओं को रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने पर जोर दिया गया है। इसी सोच को धरातल पर साकार करते हुए महासमुंद जिले के ग्राम घोड़ारी के युवा उद्यमी प्रतीक पदमवार ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर आधुनिक स्टोन कटिंग एवं पॉलिशिंग उद्योग स्थापित किया है। उनका उद्योग न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि छह परिवारों के लिए रोजगार का जरिया भी बन गया है।प्रतीक पदमवार लंबे समय से अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे थे। घोड़ारी में पहले से संचालित स्टोन कटिंग एवं पॉलिशिंग उद्योगों को देखकर उन्हें इस क्षेत्र में व्यवसाय की संभावनाओं की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने स्वयं का उद्योग स्थापित करने का निर्णय लिया और जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, महासमुंद से संपर्क किया।जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के प्रबंधक ने उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की योजना, ऋण सुविधा, शासन से मिलने वाली सहायता और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया की जानकारी दी। विभागीय मार्गदर्शन मिलने के बाद प्रतीक ने योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र ने आवेदन का परीक्षण कर ऋण स्वीकृति के लिए भारतीय स्टेट बैंक, मेन ब्रांच महासमुंद को प्रेषित किया।बैंक द्वारा उद्योग स्थापना के लिए 25 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया। ऋण स्वीकृत होने के बाद प्रतीक ने आवश्यक मशीनों की स्थापना और इंस्टालेशन का कार्य पूरा किया तथा स्टोन कटिंग एवं पॉलिशिंग का उत्पादन शुरू किया। आधुनिक मशीनों से संचालित यह उद्योग अब नियमित रूप से चल रहा है और व्यवसाय को आगे विस्तार देने के प्रयास जारी हैं।प्रतीक पदमवार का कहना है कि अपना उद्योग स्थापित करना उनका सपना था, जिसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और विभागीय मार्गदर्शन से पूरा करने का अवसर मिला। उन्होंने शासन की इस योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना ने उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। आज वे स्वयं के लिए रोजगार का साधन तैयार करने के साथ ही छह परिवारों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ यह उद्योग युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की एक मिसाल भी बन रहा है।



