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कलेक्टर लंगेह के निर्देश पर उद्योगों की जांच, खामियां मिलने पर पिकाडली एग्रो इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी।

विकास नंद/सर्वव्यापी

महासमुंद कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले में औद्योगिक संस्थानों की व्यवस्थाओं और नियमों के पालन की जांच के लिए गठित जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने ग्राम बेलटुकरी स्थित पिकाडली एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड का निरीक्षण किया। टीम ने परिवहन, श्रम, पर्यावरण, खनिज, उद्योग और विधिक मापविज्ञान से जुड़े प्रावधानों की जांच की।निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग ने दो ट्रकों का पीयूसी लैप्स पाए जाने पर 4 हजार रुपये की राशि वसूल की। एक अन्य ट्रक का त्रैमासिक कर लंबित मिलने पर 3,575 रुपये कर की वसूली की गई।विधिक मापविज्ञान विभाग की जांच में संस्थान का धर्मकांटा सत्यापित और निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। अन्य तौल उपकरणों की नियमित जांच सत्यापित बाटों से करने तथा विधिक मापविज्ञान अधिनियम 2009 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उद्योग, पर्यावरण और खनिज विभाग की जांच में स्थिति सामान्य मिली।सूचना बोर्ड और अधिनियमों का सारांश नहीं मिलाश्रम विभाग ने न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936 तथा छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 के तहत जांच की। इस दौरान संस्थान में सूचना बोर्ड और संबंधित अधिनियमों का सारांश प्रदर्शित नहीं पाया गया। मामले में प्रबंधक को नोटिस जारी किया जा रहा है।

खुशी स्टोन और जेपी मिनरल्स में भी मिली कमियां

इसके बाद टीम ने ग्राम अछोली स्थित खुशी स्टोन इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया। श्रमिकों के बयान लिए गए, लेकिन आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए संचालक को नोटिस जारी किया जा रहा है।इसी तरह ग्राम अछोली स्थित जेपी मिनरल्स की जांच में भी श्रमिकों के बयान लिए गए, लेकिन संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इस पर संचालक को नोटिस जारी किया जा रहा है।

संयुक्त टीम में जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला, श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र, पर्यावरण विभाग के केमिस्ट गुलशन सिंगरौल, विधिक मापविज्ञान निरीक्षक सिद्धार्थ दुबे, खनिज अधिकारी फागूलाल नागेश, उद्योग विभाग के प्रबंधक शशिकांत भुवाल तथा श्रम उप निरीक्षक अलीम अहमद नियाजी शामिल रहे।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि जिले में औद्योगिक प्रतिष्ठानों में नियमों के पालन, श्रमिक हितों और परिवहन एवं मापविज्ञान संबंधी मानकों की निगरानी को लेकर प्रशासन सतर्क है।

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