
विकास नंद/ सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार एवं स्टेट प्लान ऑफ एक्शन के तहत 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न आदिवासी कन्या एवं बालक छात्रावासों में विशेष विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव आफरीन बानो ने खैरा स्थित पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास पहुंचकर छात्राओं को कानून के विभिन्न विषयों की सरल एवं सहज भाषा में जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को उनके विधिक अधिकारों, कानून के प्रावधानों तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में जागरूक किया।वहीं, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी संजीव पंडा, असिस्टेंट रीना जैन एवं डोलामनी पटेल ने बीटीआई रोड स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में विधिक जागरूकता शिविर लिया। इस दौरान छात्रों को नशे के दुष्परिणाम, पॉक्सो एक्ट, महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत जिले के सभी आरक्षी केंद्रों में पदस्थ अधिकार मित्रों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्थित छात्रावासों में भी विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का उद्देश्य आदिवासी छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों एवं कानून की जानकारी देकर उन्हें जागरूक और सशक्त बनाना रहा।



