
विकास नंद/ सर्वव्यापी
जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई।
बैठक कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान जिले में संचालित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान एवं प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच, अगस्त एवं सितंबर माह के ऑपरेशन थिएटर की कार्ययोजना, स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं, जांच सुविधाओं, आवश्यक उपकरणों एवं सामग्रियों की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की स्थिति, सामान्य एवं सिजेरियन प्रसव सेवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य संस्थानों के पर्यवेक्षण, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान तथा पीएमएसएमए एंड डीबीटी की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए आगामी कार्ययोजना और सुधारात्मक उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
डॉ. आई. नागेश्वर राव ने सभी विकासखंडों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन एवं नियमित एएनसी जांच सुनिश्चित की जाए। हाई रिस्क गर्भावस्था वाले मामलों की शीघ्र पहचान कर उनका समुचित उपचार किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों, उपकरणों, मानव संसाधनों और प्रसव संबंधी सुविधाओं की उपलब्धता अनिवार्य है। साथ ही अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और प्रभावी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्त्री रोग विशेषज्ञ, निश्चेतना विशेषज्ञ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला मीडिया अधिकारी, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, आरसीएच नोडल अधिकारी, विकासखंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखंड डाटा प्रबंधक, विकासखंड लेखा प्रबंधक एवं मितानिन समन्वयक उपस्थित रहे।



