
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बिलासपुर जिले के बेलगहना स्थित सिद्ध मुनि आश्रम में एक भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच दिवंगत बिसाहू राम चन्द्राकर की पुण्य स्मृति में निर्मित अतिथि कक्ष का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ आश्रम को समर्पण किया गया।
यह अतिथि कक्ष श्री सद्गुरूदेव भगवान की प्रेरणा तथा पूर्वजों के आशीर्वाद से सोहागा चन्द्राकर (माता) एवं हलधर चन्द्राकर (पुत्र), निवासी किशुनगढ़, पंडरिया (कवर्धा), द्वारा श्रद्धा एवं सेवा-भाव से निर्मित कराया गया है।
गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच इसका लोकार्पण एवं समर्पण संपन्न हुआ।इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि किसी आश्रम में अतिथि कक्ष का निर्माण केवल एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति के संरक्षण का कार्य है। इससे दूर-दराज़ से आने वाले साधु-संतों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों को ठहरने की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी और आश्रम की धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने दिवंगत बिसाहू राम चन्द्राकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों एवं संस्कारों का स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि अपने पूर्वजों की स्मृति को समाजोपयोगी कार्यों से जीवित रखना भारतीय संस्कृति की महान परंपरा रही है और चन्द्राकर परिवार ने उसी परंपरा का अनुकरण करते हुए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सिद्ध मुनि आश्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने सद्गुरूदेव का आशीर्वाद प्राप्त कर लोककल्याण, सेवा एवं आध्यात्मिक उन्नति की कामना की। आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा।
चन्द्राकर परिवार द्वारा किया गया यह सेवा-कार्य क्षेत्र में श्रद्धा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणास्रोत बन गया है। श्रद्धालुओं ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्य समाज को नई दिशा प्रदान करते रहेंगे।



