तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
सरकारी दफ्तरों में पद और प्रोटोकॉल के बीच अक्सर औपचारिकता देखने को मिलती है, लेकिन कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने सहज व्यवहार, विनम्रता और बोलचाल के अनूठे अंदाज से लोगों के दिलों में जगह बना लेते हैं। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के उप संचालक राहुल सिंह भी ऐसे ही व्यक्तित्व के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।मूलतः बालोद, छत्तीसगढ़ के निवासी राहुल सिंह वर्तमान में स्कूल शिक्षा मंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके व्यक्तित्व की खास बात उनका सहज, सरल और आत्मीय व्यवहार है। वे लोगों से बातचीत करते समय छत्तीसगढ़ी भाषा का आत्मीयता से प्रयोग करते हैं और संबोधन में ‘भाई’, ‘बड़े भाई साहब जी’ तथा ‘बहन जी’ जैसे सम्मानजनक शब्दों को प्राथमिकता देते हैं।उनकी बातचीत का यह अंदाज महज शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू, लोकसंस्कृति और आपसी सम्मान की परंपरा झलकती है। खास बात यह है कि पद की गरिमा के साथ आम लोगों के प्रति अपनापन और सम्मान का भाव बनाए रखना उनके व्यवहार को अलग पहचान देता है।



