
विकास नंद/सर्वव्यापी

शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित करने कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर महासमुंद जिले में सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले की 551 ग्राम पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से अब तक 303 ग्राम पंचायतों में अंकेक्षण पूरा हो चुका है, जबकि शेष 248 पंचायतों में से प्रथम चरण में 50 ग्राम पंचायतों में जांच की प्रक्रिया जारी है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के आदेशानुसार जिले के पांचों जनपद पंचायत पिथौरा, बागबाहरा, बसना, सरायपाली और महासमुंद की चयनित ग्राम पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण दलों द्वारा सघन भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इसके तहत वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत पिछले वित्तीय वर्षों में कराए गए कार्यों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित आवासों का स्थल निरीक्षण किया जा रहा है। साथ ही मजदूरों का घर-घर जाकर सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और कार्यों का सर्वे भी किया जा रहा है।
ग्राम सभाओं में खुलेगी योजनाओं के क्रियान्वयन की पोल
सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चार से सात दिवसीय जांच के आधार पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें अंकेक्षण प्रतिवेदन का सार्वजनिक वाचन किया जाएगा। पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों और जांच प्रतिवेदनों को भी ग्राम सभा के समक्ष रखा जाएगा, जिससे ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने का अवसर मिलेगा।
निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की तैनाती
अंकेक्षण प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने प्रत्येक ग्राम सभा में सहायक आंतरिक लेखा एवं करारोपण अधिकारी को स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं प्रत्येक जनपद पंचायत के लिए अलग-अलग ब्लॉक अंकेक्षण दल प्रमुख भी नियुक्त किए गए हैं, जो पूरी प्रक्रिया का समन्वय कर रहे हैं।
जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत महासमुंद ने ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और संबंधित कार्य एजेंसियों से अपील की है कि वे ग्राम सभाओं में सक्रिय भागीदारी निभाएं और कोरम की पूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत बनाया जा सके।




