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स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के सरकारी बंगले पर छत्तीसगढ़ महतारी की विशाल तस्वीरें, छत्तीसगढ़ी अस्मिता को मिला सम्मान.

तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, परंपरा और माटी के प्रति सम्मान को प्रदर्शित करने की दिशा में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के सरकारी बंगले पर छत्तीसगढ़ महतारी की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगाई गई हैं। ये तस्वीरें प्रदेश की अस्मिता, गौरव और अपनी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का संदेश देती हैं। छत्तीसगढ़ महतारी को राज्य की सांस्कृतिक पहचान और जनभावनाओं का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में एक मंत्री के सरकारी आवास पर उनकी विशाल तस्वीरों की मौजूदगी विशेष ध्यान आकर्षित करती है।छत्तीसगढ़ महतारी केवल एक तस्वीर या प्रतीक भर नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की माटी, संस्कृति, भाषा, परंपरा और यहां के मेहनतकश लोगों की सामूहिक पहचान का प्रतिनिधित्व करती हैं। धान के कटोरे के रूप में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ की धरती अपनी कृषि परंपरा, लोककला, लोकगीत, लोकनृत्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जानी जाती है। इन तमाम विशेषताओं के बीच छत्तीसगढ़ महतारी का स्वरूप प्रदेशवासियों के लिए भावनात्मक जुड़ाव का केंद्र रहा है।स्कूल शिक्षा मंत्री के सरकारी बंगले पर लगाई गईं बड़ी-बड़ी तस्वीरें इस बात की ओर भी ध्यान आकर्षित करती हैं कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सार्वजनिक जीवन में किस प्रकार स्थान दिया जा रहा है। विशेषकर शिक्षा विभाग से जुड़े मंत्री के आवास पर छत्तीसगढ़ महतारी का चित्र प्रदेश की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, अपनी भाषा और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के महत्व की याद दिलाता है।हालांकि, छत्तीसगढ़ की अस्मिता को वास्तविक सम्मान केवल तस्वीरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रदेश की मातृभाषा छत्तीसगढ़ी, लोकसंस्कृति, पारंपरिक ज्ञान, लोककलाकारों और स्थानीय इतिहास को शिक्षा व्यवस्था में उचित स्थान देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि बच्चों को अपनी माटी के इतिहास, महापुरुषों, लोकनायकों और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाए, तो छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति सम्मान आने वाली पीढ़ियों के संस्कारों का हिस्सा बन सकता है।छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीरें प्रदेश के गौरव और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देती हैं। अब इस भावना को शिक्षा, संस्कृति और जनजीवन में और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में किए जाने वाले प्रयास भी महत्वपूर्ण होंगे। आखिरकार, छत्तीसगढ़ महतारी का सम्मान केवल प्रतीकों में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति, परंपरा और यहां के लोगों के प्रति सम्मानपूर्ण व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए।

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