
विकास नंद/ सर्वव्यापी

जिले में प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, उनके शोषण पर रोक लगाने और पलायन के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह एवं पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने इस संबंध में समीक्षा बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि बिना लाइसेंस एवं वैधानिक अनुमति के श्रमिकों को दूसरे स्थानों पर ले जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने कहा कि श्रमिकों को रोजगार के लिए बाहर ले जाने वाले ठेकेदारों की जिम्मेदारी केवल काम उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि उन्हें श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित करनी होंगी। इसमें स्वच्छ पेयजल, शौचालय, सुरक्षित आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है।
श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर
बैठक में प्रवासी श्रमिकों के साथ जाने वाले बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि श्रमिकों के बच्चों का आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक पहल की जाए। साथ ही बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि पलायन के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो और उन्हें किसी प्रकार के शोषण का सामना न करना पड़े।
श्रमिकों को बंधक बनाकर रखने पर प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी श्रमिक को बंधक बनाकर रखना या उसकी स्वतंत्रता का हनन करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्रमिकों के बीमार पड़ने पर समुचित उपचार की व्यवस्था करना संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदारी होगी। वहीं, किसी श्रमिक की आकस्मिक मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिजनों को तत्काल सूचना देना अनिवार्य होगा।
ग्राम पंचायतों में दर्ज होगा पलायन करने वाले श्रमिकों का विवरण
श्रमिकों के पलायन की निगरानी और उनके संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध रखने के लिए ग्राम पंचायतों के पलायन रजिस्टर में संबंधित श्रमिकों का विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पलायन करने वाले श्रमिकों की जानकारी व्यवस्थित रूप से संधारित करने तथा जरूरत पड़ने पर उनकी स्थिति का पता लगाने में मदद मिलेगी।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ ही उनके साथ होने वाले संभावित शोषण, असुविधा और बाल अधिकारों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को सुरक्षित कार्य वातावरण, सम्मानजनक जीवन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।




