
विकास नंद/ सर्वव्यापी
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में अब केवल औपचारिकता निभाने के बजाय वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना होगा। मुख्य सचिव विकासशील ने सभी विभागों को शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवश्यकता पड़ने पर समस्याओं का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निराकरण ऐसा होना चाहिए, जिससे संबंधित नागरिकों को वास्तविक राहत मिल सके और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो।
मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रशासनिक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन, आगामी धान खरीदी नीति, जल जीवन मिशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे, आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
दो लाख शिकायतें दर्ज, निराकरण की गुणवत्ता पर जोर
मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक लगभग दो लाख शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इन शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा करने और समस्याओं की वास्तविक स्थिति समझने के लिए जरूरत के अनुसार मैदानी स्तर पर भौतिक सत्यापन कराने को कहा।उन्होंने जोर दिया कि शिकायतों को केवल पोर्टल पर निराकृत दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं है। संबंधित नागरिक की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को नियमित निगरानी, निराकरण की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
धान खरीदी नीति और जल जीवन मिशन की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में आगामी धान खरीदी के लिए नीति तैयार करने तथा जल जीवन मिशन से संबंधित नीति के शेष बिंदुओं को समय-सीमा में पूरा करने पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आवश्यक प्रावधानों की समीक्षा कर कमियों को दूर करने और कार्ययोजना को व्यवस्थित ढंग से अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। जल उपयोगिता से जुड़े विषयों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा के साथ प्लानिंग एरिया में अनुमति, टीएसपी एक्ट और संबंधित प्रावधानों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
विकास परियोजनाओं में देरी रोकने के निर्देश
बैठक में पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा की गई। आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं को अनावश्यक विलंब के बिना आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पेंशन और प्रशिक्षण से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे।
भर्ती प्रस्ताव समय पर भेजने विभागों को निर्देश
मुख्य सचिव ने कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रिया के लिए सभी संबंधित विभागों को अपनी आवश्यकताओं और प्रस्तावों का सावधानीपूर्वक परीक्षण कर समय पर भेजने के निर्देश दिए। बैठक में सेवा सेतु, नियामकीय प्रावधानों और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से बाहर रह गई प्रेडिसेसर सर्विसेज को अधिनियम के अंतर्गत लाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन को आकर्षक बनाने की तैयारी
नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के सुनियोजित विकास और बेहतर प्रबंधन पर भी बैठक में जोर दिया गया। आधुनिक तकनीकों, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र के प्रबंधन और पर्यटकों के लिए सुविधाओं के संबंध में उपयोगी पहलुओं का अध्ययन कर उन्हें अपनाने पर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बॉटनिकल गार्डन के आकर्षक स्वरूप और बेहतर प्रबंधन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जंगल सफारी के संचालन, प्रबंधन और पर्यटकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



