
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा के वरिष्ठ एवं पूर्व मंत्री तथा विधायक अजय चंद्राकर को लेकर हो रही है। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।चर्चाओं के मुताबिक यदि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार होता है, तो अजय चंद्राकर को दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना पर पार्टी के भीतर विचार हो सकता है। उन्हें संगठन और सरकार के कामकाज का लंबा अनुभव रखने वाले नेताओं में गिना जाता है।कई बड़े विभागों को लेकर चर्चाएंराजनीतिक सूत्रों के हवाले से यह चर्चा भी है कि यदि अजय चंद्राकर को मंत्रिमंडल में जगह मिलती है, तो उन्हें महत्वपूर्ण विभागों में से कोई एक जिम्मेदारी दी जा सकती है। इनमें लोक निर्माण विभाग (PWD), स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास अथवा गृह विभाग जैसे प्रमुख विभागों के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं।हालांकि विभागों को लेकर चल रही ये चर्चाएं अभी राजनीतिक अटकलों के स्तर पर हैं। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री और भाजपा नेतृत्व के स्तर पर होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।पहले भी संभाल चुके हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियांअजय चंद्राकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और पूर्व में राज्य सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। विधानसभा में उनकी सक्रिय भूमिका और विभिन्न प्रशासनिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रुख के कारण उन्हें भाजपा के प्रमुख नेताओं में माना जाता है।ऐसे में यदि मंत्रिमंडल में पुनः उनका प्रवेश होता है तो यह केवल एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं, बल्कि सरकार के भीतर महत्वपूर्ण विभागों के पुनर्विन्यास से भी जुड़ा फैसला हो सकता है।विभागों के पुनर्वितरण पर भी नजरछत्तीसगढ़ सरकार ने इससे पहले भी मंत्रिमंडल विस्तार के साथ विभागों का पुनर्वितरण किया है। अगस्त 2025 के विस्तार के बाद मंत्रिमंडल में तीन नए मंत्री शामिल हुए थे और विभिन्न मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया गया था।अब यदि भविष्य में एक और फेरबदल होता है तो किन मंत्रियों के विभाग बदले जाएंगे, किन नए चेहरों को अवसर मिलेगा और किन वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी—इस पर राजनीतिक निगाहें टिकी हैं।
फिलहाल अजय चंद्राकर के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन अंतिम निर्णय और विभागों का आवंटन आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।




