
विकास नंद/सर्वव्यापी
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक के पश्चात सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और आमजन में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद ने रात्रि के समय सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सीईओ, सीएमओ, एनएचआई, पशुपालन विभाग, यातायात विभाग तथा नगरीय निकायों को समन्वय के साथ सड़कों से मवेशियों को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा।उन्होंने पशु मालिकों की पहचान कर उन्हें समझाइश देने तथा आवश्यकतानुसार उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। साथ ही चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों यानी ब्लैक स्पॉट तथा नए ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करने के निर्देश राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग एवं नगरीय तथा ग्रामीण निकायों को दिए गए।बैठक में ओवरलोड वाहनों के संचालन पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।स्कूलों के माध्यम से भी सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया। अनुपमा आनंद ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के माध्यम से उनके पालकों तक यातायात नियमों के पालन का संदेश पहुंचाया जाए, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित हो सके।उन्होंने यातायात विभाग को हेलमेट नहीं पहनने एवं अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी रूप से ई-चालान की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।बैठक में जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला ने बताया कि 01 जनवरी से अगस्त 2026 तक बिना हेलमेट के 22 हजार 358 और बिना सीट बेल्ट के 426 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पीएम राहत योजना के अंतर्गत कुल 44 प्रकरणों में से 28 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं। वहीं शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध 35 प्रकरण दर्ज कर 3 लाख 40 हजार रुपए की वसूली की गई है।जिला पंचायत सीईओ ने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का गंभीरता से पालन करने और आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




