
नूर मोहम्मद, जिला ब्यूरो चीफ,गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)

शिक्षक दिवस के अवसर पर डाइट पेंड्रा में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों तक अपनी सेवाएं देकर अनेक पीढ़ियों का भविष्य संवारने वाले 50 सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में कलेक्टर विजय दयाराम के. ने सभी शिक्षकों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर उनके दीर्घकालीन, समर्पित एवं उल्लेखनीय योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
कलेक्टर बोले -“मैं आज जहां हूं, अपने शिक्षकों के कारण हूं”
समारोह के मुख्य अतिथि कलेक्टर विजय दयाराम के. ने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “मैं आज जहां भी हूं, अपने शिक्षकों और गुरुजनों के कारण हूं।”उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उनके व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों को दिशा देने वाले समाज एवं राष्ट्र के भविष्य निर्माता हैं।कलेक्टर ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपने सेवाकाल में अनेक पीढ़ियों को ज्ञान, अनुशासन एवं संस्कार प्रदान किए हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका अनुभव और जीवन-मूल्य समाज तथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों के स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय जीवन की कामना की।
DEO रजनीश तिवारी ने शिक्षकों के योगदान को बताया अमूल्य
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने स्वागत संबोधन में समारोह में उपस्थित सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दीर्घकालीन सेवाकाल जिले की शैक्षणिक प्रगति और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की मजबूत नींव रहा है।उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों द्वारा दिए गए अमूल्य योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके अनुभव और सेवाओं से आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा मिलती रहेगी।
दीप प्रज्वलन से हुआ समारोह का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं महान शिक्षाविद् तथा पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान गुरु-शिष्य परंपरा तथा शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को स्मरण किया गया।
सेवानिवृत्ति के बाद भी अनुभव समाज की धरोहर
सम्मान समारोह में 50 सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया जाना उनके वर्षों की सेवा के प्रति प्रशासन और शिक्षा विभाग की कृतज्ञता का प्रतीक रहा। शिक्षकों ने अपने सेवाकाल में विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं दी, बल्कि अनुशासन, संस्कार और जीवन मूल्यों की सीख देकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।समारोह के अंत में डाइट की प्राचार्य अल्का शुक्ला ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षकों तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में बीईओ गौरेला उपेंद्र सिंह चौहान, बीईओ पेंड्रा आर.एन. चंद्रा, बीईओ मरवाही संजय वर्मा, उल्लास के नोडल अधिकारी मुकेश कोरी एवं आलोक शुक्ला, बालमुकुंद अग्रवाल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



