
विकास नंद/सर्वव्यापी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित निरंजन धर्मशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ महज एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री का देश के 140 करोड़ नागरिकों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम है। इसके जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे नवाचारों, प्रेरक प्रयासों और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों के कार्यों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाले ‘मन की बात’ कार्यक्रम का देशवासियों को इंतजार रहता है। प्रधानमंत्री इसमें ऐसे विषयों और व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हैं, जिनके बारे में सामान्यतः देश के लोगों को जानकारी नहीं मिल पाती। इससे समाज के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ता है और उनके प्रयास लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बनते हैं।उन्होंने कहा कि देश के दूरस्थ गांवों और छोटे क्षेत्रों में अनेक लोग बिना किसी प्रचार या स्वार्थ के समाज और राष्ट्रहित में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। कोई पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहा है, तो कोई स्वच्छता, स्थानीय संसाधनों और नवाचार के जरिए अपने क्षेत्र में बदलाव ला रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से ऐसे सामान्य लोगों के असाधारण कार्यों को देश के सामने लाकर उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं।
नशामुक्त युवा, विकसित भारत के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के संकल्प को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया है। युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को नशे से दूर रखना परिवार, समाज और राष्ट्र की सामूहिक जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि नशे का दुष्प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। स्वस्थ, समर्थ और ऊर्जावान युवा पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से नशामुक्ति के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने और युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
‘हर घर तिरंगा’ में दिखा राष्ट्रप्रेम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के प्रति देशवासियों के अभूतपूर्व उत्साह का भी उल्लेख किया। अभियान के तहत 8 करोड़ से अधिक लोगों ने तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड की। यह आंकड़ा राष्ट्रध्वज के प्रति देशवासियों के सम्मान, गौरव और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ जन-जन का अभियान बन चुका है। ऐसे अभियान राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के साथ नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका और कर्तव्यों का स्मरण कराते हैं।
पीएम स्वनिधि से मातृशक्ति को मिल रहा आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की भी चर्चा की। रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को इस योजना के माध्यम से अपने कारोबार को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।उन्होंने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और देशभर में करीब 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर अपने छोटे व्यवसायों को नई गति दे रही हैं। आर्थिक रूप से सशक्त महिला परिवार के साथ-साथ समाज और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।
स्वच्छता जन-जन का संकल्प बने
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता में स्थायी बदलाव तभी संभव है, जब यह केवल सरकारी अभियान न रहकर प्रत्येक नागरिक की आदत और जिम्मेदारी बने। जब गांव, शहर और क्षेत्र के लोग स्वयं अपने परिवेश को स्वच्छ रखने का संकल्प लेते हैं, तो इसका असर जीवन की गुणवत्ता और उस क्षेत्र की पहचान पर भी पड़ता है।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने घर, मोहल्ले, गांव, शहर और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
अंतरिक्ष विज्ञान में बेटियों की उड़ान, महिमा राजपूत पर छत्तीसगढ़ को गर्व
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत की बेटियां अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रही हैं। उनकी आकांक्षाओं की उड़ान अब धरती से अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में मिशन शक्ति सैट जैसे प्रेरक प्रयास का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से भारत सहित विभिन्न देशों की हजारों छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक समझने, सीखने और नवाचार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव की बात है कि प्रदेश की महिमा राजपूत भी इस महत्वपूर्ण मुहिम का हिस्सा बनी हैं। उन्होंने महिमा राजपूत को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।
‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ की विभिन्न कड़ियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर छत्तीसगढ़ और यहां के उल्लेखनीय प्रयासों का उल्लेख किया है। बस्तर ओलंपिक से लेकर मल्हार में मिले प्राचीन ताम्रपत्रों और काले हिरण के संरक्षण तक, छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं और उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच मिला है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के नवाचारों, संस्कृति, विरासत और सकारात्मक प्रयासों को ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान मिलना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गौरव की बात है। इससे प्रदेश में किए जा रहे अच्छे कार्यों का उत्साह बढ़ता है और उन्हें देशभर में पहचान मिलती है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों को एक सूत्र में जोड़ती है। कार्यक्रम नागरिकों को स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, नवाचार, समाजसेवा और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों के लिए प्रेरित करने के साथ जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है। प्रधानमंत्री का यह सतत संवाद देशवासियों में कर्तव्यबोध जगाकर विकसित भारत के निर्माण में सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू एवं पुरंदर मिश्रा, संतजन, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।




