
बिलासपुर, भागवत प्रसाद, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता एवं सर्वव्यापी के संपादक तरुण कौशिक ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह का ध्यान आकृष्ट कराते हुए आरोप लगाया है कि हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को विभागीय स्तर पर निराकृत बताकर नस्तीबद्ध किया जा रहा है, जबकि वास्तविक स्थिति में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।शिकायतकर्ता के अनुसार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत क्रमांक डब्ल्यूटी 260800166085 एवं 260800167827 के संबंध में उन्हें हेल्पलाइन मैसेज के माध्यम से जानकारी दी गई कि विभागीय स्तर पर कार्रवाई पूर्ण कर शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है। लेकिन उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर आज भी संबंधित समस्याएं यथावत बनी हुई हैं।तरुण कौशिक ने कहा कि उक्त शिकायतें उनके द्वारा स्वयं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई थीं और निराकरण के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना ही शिकायतों को निराकृत मान लिया जाता है, तो मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का वास्तविक समाधान हो तथा केवल पोर्टल पर निराकरण दर्शाकर जिम्मेदारी से बचने वाले अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। ऐसे में शिकायतों के वास्तविक निराकरण और विभागीय रिपोर्टिंग के बीच अंतर सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।




