
विकास नंद/ सर्वव्यापी
प्राचीन, ऐतिहासिक और पुरातात्विक नगरी सिरपुर को वर्ष 2041 तक एक समावेशी, आधुनिक और सतत विकास क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) की प्रारंभिक बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता सांसद रूपकुमारी चौधरी ने की।बैठक में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, साडा के सीईओ धम्मशील गणवीर, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के विनीत नायर, नगर पंचायत तुमगांव के अध्यक्ष बलराम कांत साहू, जनपद पंचायत महासमुंद की अध्यक्ष दिशा दीवान, उप पुलिस अधीक्षक तथा निवेश क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे।छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के तहत आयोजित इस बैठक में सिरपुर विकास योजना प्रारूप-2041 पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 को आधार वर्ष मानकर वर्ष 2041 तक की विकास कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रस्तावित निवेश क्षेत्र में सिरपुर सहित 34 ग्राम और आरक्षित वन क्षेत्र शामिल हैं। इस क्षेत्र की कुल जनसंख्या 25,927 तथा कुल क्षेत्रफल 22,286.3 हेक्टेयर है, जिसमें 12,111.7 हेक्टेयर ग्रामीण क्षेत्र और 10,174.6 हेक्टेयर आरक्षित वन शामिल हैं।
प्रस्तावित योजना के अनुसार सिरपुर क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, कृषि संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध एक जीवंत एवं सतत क्षेत्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना में स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन, कौशल विकास, स्थानीय रोजगार, पर्यटन संवर्धन, सामाजिक समावेशिता तथा पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
बैठक में सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि विकास योजना जनभावनाओं के अनुरूप, समावेशी और दीर्घकालिक होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि निवेश क्षेत्र में शामिल प्रत्येक ग्राम पंचायत को मास्टर प्लान की प्रति उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्राम स्तर पर अध्ययन कर आवश्यक सुझाव योजना में शामिल किए जा सकें।
विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने भविष्य में बढ़ने वाले पर्यटन को ध्यान में रखते हुए विकास क्षेत्र की प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण लगभग 100 फीट तक किए जाने का सुझाव दिया, जिससे यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम हो सके।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं सरपंचों से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सुझाव देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सिरपुर विकास योजना-2041 का उद्देश्य क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और वर्तमान स्वरूप को संरक्षित रखते हुए आधुनिक नियोजन तकनीकों के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
सभी प्राप्त सुझावों के आधार पर संशोधित प्रारूप संचालनालय, नगर एवं ग्राम निवेश, इंद्रावती भवन को भेजा जाएगा।
बैठक में जलकी, चुहरी, सेनकपाट, पासीद, अमलोर, सुकुलबाय, खैरझिटी सहित साडा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों के सरपंचों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इससे योजना को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने पर जोर दिया गया।



