
विकास नंद/ सर्वव्यापी
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की पहल पर इस वर्ष महासमुंद जिले में स्वतंत्रता दिवस का उत्सव साक्षरता के जनआंदोलन के रूप में मनाया जाएगा। “जन-जन साक्षर और कर्तव्य बोध” के संकल्प के साथ 15 अगस्त को जिलेभर में ‘उल्लास महा-चौपाल’, प्रभात फेरी, मशाल रैली, नवभारत साक्षरता संकल्प, सम्मान समारोह और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार वर्ष 2026-27 में पूरे प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसी उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद के नेतृत्व में ग्राम पंचायत, विकासखंड और जिला स्तर पर विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।
14 अगस्त की शाम गांवों में उल्लास मोबाइल टॉर्च रैली और मशाल रैली निकाली जाएगी। सरपंचों और ग्राम प्रभारियों के नेतृत्व में युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और आमजन इसमें भाग लेंगे तथा “हर घर साक्षरता, विकसित भारत” जैसे नारों से लोगों को साक्षरता के लिए प्रेरित करेंगे।
15 अगस्त की सुबह विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, स्वयंसेवी शिक्षक, नवसाक्षर और ग्रामीण साक्षरता संदेशों के साथ प्रभात फेरी निकालेंगे। ध्वजारोहण के बाद सभी को नवभारत साक्षरता संकल्प दिलाया जाएगा और ‘उल्लास महा-चौपाल’ में नवसाक्षर अपने जीवन के प्रेरक अनुभव साझा करेंगे।
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक दृश्य तब देखने को मिलेगा, जब बच्चे अपनी निरक्षर माताओं का हाथ पकड़कर मंच पर लाएंगे और पहली बार उनसे अपना नाम लिखवाएंगे। इसके अलावा स्वयंसेवी शिक्षकों, नवसाक्षरों और साक्षरता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शिक्षार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।हर आयोजन स्थल पर उल्लास हेल्प डेस्क स्थापित कर असाक्षर व्यक्तियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का मौके पर ही पंजीयन किया जाएगा।
मुख्य समारोह स्थल पर साक्षरता सेल्फी प्वाइंट, पंचायतों में उल्लास दीवार, तिरंगा थीम पर रंगोली, डिजिटल साक्षरता पर नुक्कड़ नाटक तथा सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा।
जिन ग्राम पंचायतों या वार्डों में कोई भी असाक्षर व्यक्ति नहीं मिलेगा, उन्हें “अंगूठा मुक्त पंचायत/वार्ड” का प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही पंचायत या सार्वजनिक स्थल पर ‘उल्लास की घंटी’ स्थापित की जाएगी, जिसे साक्षर बनने वाला व्यक्ति बजाएगा और उसका नाम उल्लास डायरी में दर्ज किया जाएगा।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिलेवासियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा है कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब समाज का हर व्यक्ति पढ़ना-लिखना सीखकर आत्मनिर्भर और जागरूक बने।




