
विकास नंद ,(सर्वव्यापी)

विजयादशमी के पावन पर्व पर पुलिस लाइन महासमुंद में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार नायक सहित जिला पुलिस बल के अधिकारियों एवं जवानों ने शस्त्रागार में रखे अग्नेयास्त्रों और अन्य शस्त्रों की पूजा-अर्चना कर परंपरा का निर्वहन किया।शस्त्र पूजन की धार्मिक विधियां बेमचा निवासी पंडित पंकज तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराईं। इस दौरान पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने विजयादशमी के पर्व पर शस्त्र पूजन की परंपरा के महत्व को रेखांकित किया।
भारतीय संस्कृति और पराक्रम का प्रतीक है शस्त्र पूजन
विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा भारतीय संस्कृति, साहस और पराक्रम का प्रतीक मानी जाती है। इसी परंपरा का पालन करते हुए महासमुंद पुलिस द्वारा प्रतिवर्ष शस्त्र पूजन किया जाता है। यह आयोजन पुलिस बल के लिए कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, साहस और जनसेवा के प्रति समर्पण का संदेश देता है।पुलिस के लिए शस्त्र केवल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का साधन नहीं हैं, बल्कि ये नागरिकों की सुरक्षा के लिए सौंपे गए दायित्व और जिम्मेदारी के प्रतीक भी हैं। विजयादशमी के अवसर पर पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने जनसेवा, कर्तव्यपालन और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
अधिकारी एवं जवान रहे उपस्थित
शस्त्र पूजन कार्यक्रम में रक्षित निरीक्षक दीप्ति कश्यप, निरीक्षक महेश साहू, निरीक्षक विनोद कश्यप, निरीक्षक दिनेश यादव, निरीक्षक आकाश मसीह, उप निरीक्षक राजीव नाहर, कंपनी कमांडर साहू, प्रशिक्षु सूबेदार ईश्वर साहू, सहायक उप निरीक्षक बालमुकुंद साहू तथा शस्त्रागार प्रभारी कदम सिंह नाग सहित जिला पुलिस बल के अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से महासमुंद पुलिस ने भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान के साथ जनसुरक्षा और जनसेवा के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प दोहराया।




