
विकास नंद (सर्वव्यापी)

सरायपाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बलौदा को आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने के संकल्प के साथ सरपंच सरस्वती सरोज सेठ और उपसरपंच सरोज सेठ लगातार प्रयासरत हैं। पति-पत्नी की यह जोड़ी गांव के विकास को नई दिशा देने और ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से काम कर रही है। दोनों का लक्ष्य है कि बलौदा में विकास की ऐसी मजबूत नींव रखी जाए, जिससे गांव की पहचान एक आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में स्थापित हो सके।
एक ही परिवार से सरपंच और उपसरपंच, विकास की साझा जिम्मेदारी।
ग्राम पंचायत बलौदा में सरस्वती सरोज सेठ सरपंच और उनके पति सरोज सेठ उपसरपंच की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पंचायत की इन दोनों महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का एक ही दंपती के पास होना एक अलग तरह का संयोग है। हालांकि, पंचायत की जिम्मेदारी केवल पदों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव की बुनियादी जरूरतों को समझने, ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता देने और विकास कार्यों को धरातल पर उतारने की चुनौती भी इससे जुड़ी है।
सेठ दंपती इसी जिम्मेदारी को विकास के अवसर के रूप में देखते हुए बलौदा को बेहतर गांव बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। उनका जोर इस बात पर है कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और ग्रामीण विकास से जुड़ी गतिविधियों को गति मिले।
शासन की योजनाओं से गांव के विकास को गति देने का प्रयास
ग्रामीण विकास के लिए शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं ग्राम पंचायतों के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं। बलौदा में भी इन योजनाओं के माध्यम से विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुरूप पहल करने पर जोर दिया जा रहा है। गांव के समग्र विकास के लिए बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना और विकास कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण विषय हैं।सेठ दंपती का प्रयास है कि पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और शासकीय योजनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उनका मानना है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा, जब उनका क्रियान्वयन ग्रामीणों की जरूरतों के अनुरूप हो और विकास कार्यों का लाभ आम लोगों तक पहुंचे।विकास का रोडमैप तैयार कर आदर्श ग्राम बनाने का संकल्प’सर्वव्यापी’ से चर्चा के दौरान सरपंच सरस्वती सरोज सेठ और उपसरपंच सरोज सेठ ने बलौदा के विकास को लेकर अपनी योजनाओं और संकल्पों पर चर्चा की।
दोनों ने कहा कि उनका उद्देश्य बलौदा को एक आदर्श ग्राम पंचायत बनाना है।
इसके लिए वे यथासंभव प्रयास कर रहे हैं और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से गांव को आगे बढ़ाना चाहते हैं।उनके अनुसार, गांव का विकास केवल कुछ निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें ग्रामीणों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति, सुविधाओं का विस्तार, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों के जीवन स्तर में सुधार जैसे पहलू भी शामिल होने चाहिए। विकास की प्राथमिकताएं तय करते हुए गांव की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ना ही आदर्श ग्राम पंचायत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
संकल्प से सफलता तक का सफर कितना प्रभावी होगा, यह विकास कार्यों से तय होगा।
ग्राम पंचायत बलौदा को आदर्श बनाने का सेठ दंपती का संकल्प निश्चित रूप से एक सकारात्मक पहल है। अब इस संकल्प की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि गांव में विकास कार्य कितनी गति से पूरे होते हैं, ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का कितना लाभ मिलता है और बुनियादी सुविधाओं में कितना सुधार आता है।ग्रामीणों की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाना किसी भी पंचायत के लिए महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में बलौदा को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने की दिशा में सेठ दंपती की पहल पर ग्रामीणों की निगाहें रहेंगी।बलौदा को आदर्श ग्राम बनाने का संकल्प अब धरातल पर विकास की उपलब्धियों में कितना बदलता है, यही इस पहल की असली कसौटी होगी।



