
विकास नंद/सर्वव्यापी
राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण कर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
घायलों को तत्काल उपचार और 108 सेवा की नियमित मॉनिटरिंग
मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों का प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 108 एम्बुलेंस की समय पर उपलब्धता की सख्त मॉनिटरिंग करने तथा ट्रामा सेंटरों को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया। दुर्घटना में घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले नेक नागरिकों (गुड सेमेरिटन) को शीघ्र प्रोत्साहन एवं सम्मान राशि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
8 जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों का होगा गहन विश्लेषण
बैठक में अधिक सड़क दुर्घटनाओं वाले 8 जिलों—रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा और जगदलपुर (बस्तर)—पर विशेष फोकस किया गया। इन जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों का विस्तृत विश्लेषण कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।सड़क निर्माण से पहले डिजाइन पर दें विशेष ध्यान मुख्य सचिव ने ब्लैक स्पॉट्स के सुधार और उनके प्रभाव का विश्लेषण करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स में निर्धारित समय-सीमा में सुधार कार्य पूरा करने तथा सुधार के बाद दुर्घटनाओं में आई कमी का आकलन करने कहा गया। उन्होंने कहा कि सड़क बनने के बाद सुधार करने से बेहतर है कि निर्माण के प्रारंभिक चरण में ही सड़क का डिजाइन सुरक्षित और मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए।सड़कों पर आवारा पशुओं के विचरण को रोकने के लिए भी ठोस कार्ययोजना बनाकर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।शैक्षणिक संस्थानों में बनेंगे रोड क्लबसड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों में रोड क्लब गठित करने पर जोर दिया गया। अधिक से अधिक युवाओं को यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़क सुरक्षा अभियान में युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।बैठक की शुरुआत में परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) प्रदीप गुप्ता सहित लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, जनसंपर्क विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




