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महासमुंद से 31,355 रक्षा-सूत्र सीमा पर तैनात वीर जवानों के नाम..ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026 में जिलेवासियों ने दिखाई राष्ट्रभक्ति और सम्मान की अनूठी मिसाल।

विकास नंद/सर्वव्यापी

देश की सीमाओं पर तैनात वीर सैनिकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026 का महासमुंद जिले में उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। अभियान के तहत जिलेभर से 31,355 रक्षा-सूत्र (राखियां) और शुभकामना संदेश एकत्रित किए गए, जिन्हें सीमाओं पर तैनात जवानों तक भेजा जाएगा।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास टिक्वेन्द्र जटवार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालयों के माध्यम से अभियान का व्यापक स्तर पर संचालन किया गया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, महतारी वंदन योजना की हितग्राहियों, स्कूल एवं कॉलेज की छात्राओं, धार्मिक संगठनों, राष्ट्रीय हिन्दू वाहिनी संगठन छत्तीसगढ़ तथा बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने अपने हाथों से रक्षा-सूत्र तैयार किए और वीर जवानों के उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षा, दीर्घायु एवं राष्ट्रसेवा के लिए शुभकामना संदेश भी लिखे।

इस पहल के माध्यम से नागरिकों ने भारतीय सैनिकों के प्रति अपना सम्मान, विश्वास और राष्ट्रप्रेम व्यक्त किया।जिले से संकलित रक्षा-सूत्रों में महासमुंद शहरी परियोजना से 3,145, महासमुंद ग्रामीण से 5,814, बागबाहरा से 6,586, पिथौरा से 2,982, बसना से 2,483 तथा सरायपाली परियोजना से सर्वाधिक 10,345 रक्षा-सूत्र प्राप्त हुए।

इस अवसर पर कार्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुधा रात्रे, सुलेखा शर्मा सहित स्थानीय कार्यकर्ताओं ने पर्यवेक्षक शीला प्रधान, कुंती यादव एवं ऋतु सिन्हा को रक्षा-सूत्र सौंपे।

शासन के निर्देशानुसार इन सभी रक्षा-सूत्रों एवं शुभकामना संदेशों को महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालनालय, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर भेजा जा रहा है, जहां से इन्हें देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों तक पहुंचाया जाएगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला महासमुंद ने अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, बालिकाओं, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं जिलेवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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