
नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)

हरेली तिहार के पावन अवसर पर जीपीएम जिले ने हरियाली की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए 3 लाख 36 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया। ‘हरित जीपीएम’ अभियान के तहत हुए इस व्यापक वृक्षारोपण में जनप्रतिनिधियों से लेकर ग्रामीणों, विद्यार्थियों, स्व-सहायता समूहों, अधिकारी-कर्मचारियों और आम नागरिकों ने भागीदारी निभाई। अब सबसे बड़ा सवाल पौधे लगाने के बाद उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल को लेकर है।जिला स्तरीय वृक्षारोपण एवं हरेली उत्सव का भव्य आयोजन डोंगरिया के चारागाह स्थल में किया गया, जबकि मंचीय कार्यक्रम एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डोंगरिया के ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक कृषि यंत्र नागर एवं कोपर की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने स्वयं पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली विस्तार का संदेश दिया।
जनभागीदारी से हरित जीपीएम की पहल
प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने जिला प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि हरेली जैसे पारंपरिक पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण और हरियाली विस्तार के लिए जनभागीदारी से किए जा रहे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अभियान की सफलता के लिए जिला प्रशासन और जिलेवासियों को बधाई दी।विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची ने हरेली को खुशहाली और सुख-समृद्धि का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस अवसर पर पौधरोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि वृक्षारोपण नई पीढ़ी को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रभावी माध्यम है।
3.36 लाख पौधे, कई प्रजातियों का रोपण
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा कि ‘हरित जीपीएम’ अभियान को समाज के सभी वर्गों के सहयोग और सहभागिता से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें, क्योंकि पौधरोपण तभी सार्थक होगा जब ये पौधे पेड़ बनकर आने वाली पीढ़ियों को छाया और पर्यावरण सुरक्षा देंगे।अभियान के तहत ग्राम पंचायतों, नगर पालिका एवं नगर पंचायत, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, छात्रावास-आश्रमों, स्वास्थ्य केंद्रों, शासकीय कार्यालय परिसरों, गौठानों, चारागाहों, सड़क एवं नदी किनारे, अमृत सरोवरों तथा प्रधानमंत्री आवास परिसरों सहित विभिन्न स्थानों पर 3 लाख 36 हजार से अधिक पौधे लगाए गए। इनमें पाम, अशोक, आम, जामुन, अमरूद, नींबू, मुनगा, गुलाब जामुन, कटहल, हर्रा, बहेरा, करंज, आंवला, महुआ, सीताफल और बांस सहित विभिन्न वानिकी, फलदार एवं औषधीय प्रजातियां शामिल हैं।
पौधे लगाने के साथ उन्हें बचाने का संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय ने रोपित पौधों की सुरक्षा, संरक्षण और नियमित देखभाल कर उन्हें जीवित रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, जनपद पंचायत मरवाही की अध्यक्ष जानकी कुशरो, पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी, वनमंडलाधिकारी निशांत कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।हरित जीपीएम का यह अभियान आंकड़ों में भले ही 3.36 लाख पौधों का हो, लेकिन इसकी असली सफलता आने वाले वर्षों में इन पौधों के पेड़ बनने से तय होगी।




