
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा महाराष्ट्र में ‘डॉ. आंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र’ की स्थापना की गई है। यह केंद्र सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार तथा डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन, नई दिल्ली के संयुक्त सहयोग से संचालित होगा। इस संबंध में सोमवार, 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डॉ. आंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप सपकाले भी उपस्थित थे।यह समझौता तीन वर्षों के लिए मान्य होगा। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के साथ-साथ पीएम केयर्स योजना के लाभार्थी विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।केंद्र में कुल 100 सीटें होंगी, जिनमें 70 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति तथा 30 प्रतिशत सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। साथ ही अनुसूचित जाति वर्ग की छात्राओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी। यह केंद्र ‘डॉ. आंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र’ के नाम से जाना जाएगा।विश्वविद्यालय में इस केंद्र की स्थापना से अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर और सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रतिमाह चार हजार रुपये का स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा, जबकि प्रत्येक विद्यार्थी पर लगभग 75 हजार रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान है।




