
विकास नंद/सर्वव्यापी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने राज्य शासन के निर्देशों तथा कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में मंगलवार को एनालॉग पनीर एवं अन्य प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों के उपयोग और विक्रय पर रोक को लेकर जिले के खाद्य कारोबारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई निर्माता, डेयरी संचालक, थोक एवं फुटकर विक्रेता, वितरक तथा अन्य खाद्य व्यवसायी शामिल हुए।
बैठक में उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्य शासन द्वारा एनालॉग पनीर एवं अन्य प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, विक्रय तथा खाद्य पदार्थों में इनके उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध की विस्तृत जानकारी दी। सभी कारोबारियों को तत्काल प्रभाव से ऐसे उत्पादों का उपयोग और व्यापार पूरी तरह बंद करने तथा केवल मानक अनुरूप एवं विधिसम्मत खाद्य पदार्थों का ही उपयोग एवं विक्रय करने के निर्देश दिए गए।खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि वे खाद्य सामग्री केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदें। प्रत्येक खरीद का बिल, टैक्स इनवॉइस और स्टॉक रिकॉर्ड सुरक्षित रखें तथा निरीक्षण के दौरान संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई प्रतिष्ठानों को उपयोग में लाए जा रहे पनीर के स्रोत से जुड़े सभी अभिलेख सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान सभी खाद्य कारोबारियों से प्रतिबंध के पालन संबंधी स्वघोषणा-पत्र भी प्राप्त किए गए। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में जिलेभर में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई प्रतिष्ठान, डेयरियां, थोक विक्रेता, कोल्ड स्टोरेज सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का जोखिम आधारित निरीक्षण किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर खाद्य नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाएगी और प्रतिबंधित उत्पाद मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अभिहित अधिकारी उमेश वर्मा ने सभी खाद्य कारोबारियों से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और प्रतिबंध का पूर्ण पालन करने की अपील की। उन्होंने आम नागरिकों से भी आग्रह किया कि यदि कहीं प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों के निर्माण, उपयोग या बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।



