
विकास नंद/सर्वव्यापी
सरायपाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत किसड़ी में पंचायत सचिव और सरपंच सहित ग्रामीणों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब गांव के विकास कार्यों पर भारी पड़ने लगा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि पंचायत के कई विकास कार्य प्रभावित हो गए हैं और ग्रामीणों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिससे पंचायत के नियमित कार्य, विकास योजनाओं का संचालन तथा प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार सरायपाली जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा जिला पंचायत महासमुंद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसी मुद्दे को लेकर ग्राम पंचायत किसड़ी के सरपंच, पंचगण और ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे और जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद से मुलाकात कर पंचायत सचिव को तत्काल ग्राम पंचायत किसड़ी से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जब तक सचिव का स्थानांतरण या विवाद का समाधान नहीं होगा, तब तक गांव का विकास प्रभावित होता रहेगा और शासन की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पाएगा।
ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ को बताया कि गांव में विकास कार्यों का माहौल पूरी तरह बाधित हो गया है। कई आवश्यक कार्य लंबित हैं और पंचायत स्तर पर निर्णय लेने में लगातार गतिरोध बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की, ताकि पंचायत में सामान्य स्थिति बहाल हो सके और विकास कार्यों को गति मिले।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी और पूरे मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक कार्रवाई देखना चाहते हैं ताकि गांव का विकास दोबारा पटरी पर लौट सके।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते विवाद का समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर शासन की ग्रामीण विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों और आम जनता को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं पर पड़ेगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।




